Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद शहर में हुए विमान हादसे को लगभग छह महीने होने वाले हैं, इसके बावजूद इस हादसे में मारे गए लोगों को तमाम सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं. ये सवाल उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं.
46 साल के मदन सिंह राजपुरोहित को यह सवाल परेशान कर रहा है कि उनकी नई शादीशुदा सबसे बड़ी बेटी खुशबू को लंदन ले जा रहा विमान आखिर क्रैश क्यों हुआ?
इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस संबंध में कई पीड़ितों से बातचीत की है. अखबार से बातचीत में राजपुरोहित कहते हैं, ‘हम अब भी दुखी हैं. जब परिवार का कोई सदस्य अचानक आपसे दूर हो जाता है तो कैसा महसूस होता है? मुआवज़ा मिलेगा, लेकिन वह काफी नहीं है, बस यह तसल्ली होनी चाहिए कि यह कैसे हुआ, क्यों हुआ, किसकी गलती से हुआ, यह जानना ज़रूरी है.’
हादसे के बाद सब बदल गया
राजपुरोहित मिठाई की दुकान चलाते हैं. उनके दामाद विपुल सिंह ने न्याय और जवाब पाने के लिए लंदन में कानूनी रास्ता अपनाया है. खुशबू जनवरी में शादी के बाद पहली बार लंदन में अपने ससुराल जा रही थी, तभी प्लेन क्रैश हो गया था.
24 वर्षीय दीर्थ पटेल का परिवार अभी भी उस मनहूस दिन के बाद अपनी ज़िंदगी में सामान्य होने की कोशिश कर रहा है, जो इस विमान हादसे के बाद पूरी तरह से बदल गई है.
क्रुतिक पटेल और उनकी पत्नी अपने छोटे भाई दीर्थ का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार थे, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में मास्टर्स में गोल्ड मेडल जीता था. दीर्थ को वेस्ट यॉर्कशायर की हडर्सफ़ील्ड यूनिवर्सिटी में रिसर्च एसोसिएट के तौर पर नौकरी मिली थी.
15 लाख का एजुकेशन लोन
लंदन में बसने की सारी योजना छोड़कर क्रुतिक और उनकी पत्नी दो महीने पहले अपने गृहनगर गुजरात के खेड़ा ज़िले के कपड़वंज लौट आए.
क्रुतिक पर अपने भाई के लिए लिया गया 15 लाख रुपये का एजुकेशन लोन का बोझ है. वे कहते हैं, ‘हम अभी भी 22,000 रुपये की ईएमआई दे रहे हैं. बैंक से बार-बार रिक्वेस्ट करने के बावजूद, हमें प्रिंसिपल अमाउंट पर ज़्यादा से ज़्यादा 10% का डिस्काउंट दिया गया.’
सच जानने पर जोर
क्रुतिक उन 130 परिवारों में से एक हैं, जिनके केस का अदालत में प्रतिनिधित्व अमेरिकी लॉ फर्म बेज़ली एलन के एविएशन अटॉर्नी माइक एंड्रयूज करेंगे. एंड्रयूज गुजरात में हैं. 12 जून के बाद से यह उनकी तीसरी गुजरात यात्रा है. वह परिवारों से मिल रहे हैं. उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि परिवार ‘का जोर सच जानने को लेकर ज़्यादा है’.
बीते 12 जून को एयर इंडिया के बोइंग 787 विमान ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान के साथ ही विमान एयरपोर्ट के पास एक मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स में क्रैश हो गया. इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई, जिसमें प्लेन में सवार 242 लोगों में से 241 लोग शामिल थे.




