मणिपुर जातीय हिंसा: मेईतेई और नगा समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर सरकार को क्या संदेश दिया? मध्य प्रदेश: केन-बेतवा लिंक परियोजना विरोधी आंदोलन में शामिल पार्षद क्यों नहीं लेना चाहती हैं ज़मानत… ‘ज़मानत मिल गई, फिर भी जेल में’, गोवा मानवाधिकार आयोग ने विचाराधीन कैदियों को लेकर क्या कहा… 21 मीडिया संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- डेटा संरक्षण कानून के तहत पूर्व अनुमति का नियम न्यूज़रूम बंद करवा सकता है मोदी सरकार के ख़िलाफ़ 21 मीडिया समूह सुप्रीम कोर्ट क्यों गए हैं? डेटा संरक्षण क़ानून को लेकर क्या चिंताएं हैं? बीते 25 वर्षों में भारत का हरित क्षेत्र 5.6 प्रतिशत तक घटा, गर्मियों का तापमान बढ़ा: अध्ययन

मणिपुर जातीय हिंसा: मेईतेई और नगा समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर सरकार को क्या संदेश दिया?

कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी द्वारा मणिपुर की राजधानी इंफाल में आयोजित इस रैली का उद्देश्य स्थायी शांति की मांग करना, लंबे समय से चले आ रहे संकट के पीड़ितों को न्याय दिलाना, विस्थापित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करना और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते को रद्द करना था.

मणिपुर जातीय हिंसा: मेईतेई और नगा समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर सरकार को क्या संदेश दिया?

कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी द्वारा मणिपुर की राजधानी इंफाल में आयोजित इस रैली का उद्देश्य स्थायी शांति की मांग करना, लंबे समय से चले आ रहे संकट के पीड़ितों को न्याय दिलाना, विस्थापित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करना और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते को रद्द करना था.

मणिपुर जातीय हिंसा: मेईतेई और नगा समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर सरकार को क्या संदेश दिया?

कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी द्वारा मणिपुर की राजधानी इंफाल में आयोजित इस रैली का उद्देश्य स्थायी शांति की मांग करना, लंबे समय से चले आ रहे संकट के पीड़ितों को न्याय दिलाना, विस्थापित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करना और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते को रद्द करना था.

मणिपुर जातीय हिंसा: मेईतेई और नगा समुदाय के लोगों ने रैली निकालकर सरकार को क्या संदेश दिया?

कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी द्वारा मणिपुर की राजधानी इंफाल में आयोजित इस रैली का उद्देश्य स्थायी शांति की मांग करना, लंबे समय से चले आ रहे संकट के पीड़ितों को न्याय दिलाना, विस्थापित लोगों का पुनर्वास सुनिश्चित करना और कुकी उग्रवादी समूहों के साथ हुए सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस समझौते को रद्द करना था.

21 मीडिया संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- डेटा संरक्षण कानून के तहत पूर्व अनुमति का नियम न्यूज़रूम बंद करवा सकता है

21 मीडिया संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल एक याचिका में कहा है कि पत्रकारों के लिए किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी प्रकाशित करने से पहले उस व्यक्ति से अनुमति लेना अनिवार्य करने से पत्रकारिता के कामकाज पर बुरा असर पड़ सकता है.

केरल की पहली दृष्टिहीन जज बनेंगी थान्या नाथन

थान्या नाथन सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) परीक्षा, केरल न्यायिक सेवा, 2025 में बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले अभ्यर्थियों की मेरिट लिस्ट में टॉप किया है. उनकी कहानी इसलिए खास है, क्योंकि उन्होंने अदालत में प्रैक्टिस करते हुए खुद से पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है.