Legal Notice to Dainik Jagran: अधिवक्ता और समाजवादी पार्टी के नेता अर्पित वर्मा की ओर से दैनिक जागरण को मानहानि एक कानूनी नोटिस भेजा गया है. इस बात की जानकारी उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर दी है. उन्होंने एक पोस्ट में दैनिक जागरण अखबार के हैंडल को टैग करते हुए लिखा है, ‘Legal notice to @JagranNews.’
पोस्ट के साथ उन्होंने मानहानि के नोटिस की तस्वीरें भी साझा की है. इस नोटिस में दैनिक जागरण की ओर से कुछ दिन पहले प्रकाशित एक खबर को लेकर आपत्ति जताई गई है. नोटिस में अर्पित ने खुद को अधिवक्ता और समाजवादी पार्टी की युवा इकाई समाजवादी लोहिया वाहिनी का वरिष्ठ पदाधिकारी बताया है.
यह नोटिस जागरण प्रकाशन लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक महेंद्र मोहन गुप्त और प्रधान संपादक संजय गुप्त के नाम से भेजी गई है.
Legal notice to @JagranNews pic.twitter.com/MQTSgFV3ox
— Arpit Verma (@arpitverma10) December 21, 2025
तथ्यात्मक रूप से गलत
नोटिस में अर्पित वर्मा की ओर से कहा गया है, ‘आपके मीडिया संस्थान ने अपने डिजिटल पोर्टल (Jagran.com) के माध्यम से एक समाचार रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि समाजवादी पार्टी सरकार (अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल) के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा चयनित 86 SDM में से 56 एक विशिष्ट जाति (यादव) के थे.’
नोटिस में आगे कहा गया, ‘उक्त रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत, गणितीय रूप से असंभव और किसी भी साक्ष्य से रहित है. UPPSC या उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ‘86 में से 56’ के आंकड़े का समर्थन करने वाला कोई भी आधिकारिक डेटा, श्वेत पत्र या गजट अधिसूचना कभी जारी नहीं की गई है.’
यादव उम्मीदवारों का आंकड़ा दिया
नोटिस में अर्पित वर्मा ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान एसडीएम पद पर साल दर साल यादव जाति से चयनित लोगों का आंकड़ा भी दिया है. इसके अनुसार, UPPSC 2011 में कुल चयनिय उम्मीदवारों में से 6 यादव जाति से थे. इसके अलावा 2012 में 4 और 2013 में 3 उम्मीदवार यादव जाति से थे.
नोटिस में दैनिक जागरण से ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का वह विज्ञापन नंबर और तिथि जिसके माध्यम से 86 SDM के पदों का सृजन हुआ था’ और ‘उस परीक्षा परिणाम का विज्ञापन नंबर और तिथि जिसके आधार पर 56 यादव SDM के चयन का दावा किया जा रहा है’, के बारे में जानकारी मुहैया कराने को कहा गया है.
प्रतिष्ठा की हानि हुई
आगे कहा गया, ‘अगर आप उपरोक्त जानकारी देने में विफल रहते हैं, तो यह सिद्ध मान लिया जाएगा कि आपने दुर्भावनापूर्ण इरादे से समाजवादी पार्टी को बदनाम करने हेतु यह ‘फेक न्यूज’ प्रकाशित की है. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) और उसके पूर्व मुख्यमंत्री (Akhilesh Yadav) की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से ‘फेक न्यूज’ प्रकाशित करने का आपका कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BN5), 2023 की धारा 356 (मानहानि) के तहत एक अपराध है. इसके अलावा यह पार्टी और उसके पदाधिकारियों की प्रतिष्ठा को हुई हानि के लिए दीवानी हर्जाने को भी आमंत्रित करता है.’
जागरण ने हटाई खबर
नोटिस में अर्पित यादव की ओर से दैनिक जागरण के न्यूज पोर्टल में प्रकाशित विवादित खबर का लिंक (https://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-yogi-govt-fair-sdm-selection-in-up-40075943) भी दिया गया है. हालांकि अब इस लिंक पर क्लिक करने पर सिर्फ ‘404’ लिखा हुआ नजर आ रहा है. साथ ही लिखा गया है, ‘आप जिस पेज को देखना चाहते हैं वह उपलब्ध नहीं, होम पेज पर वापस जाइए.’
एक्स पर बीते 22 दिसंबर को किए गए एक अन्य पोस्ट में अर्पित वर्मा ने लिखा, ‘ये डर अच्छा है!! दैनिक जागरण ने लीगल नोटिस भेजने के बाद अपनी झूठी खबर “UPPSC में चयनित 86 में 56 यादव” सभी प्लेटफॉर्म से हटा ली है. यह हमारी बड़ी जीत है और उन सभी मीडिया संस्थानों के लिए कड़ी चेतावनी है जो एजेंडा चलाकर छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं!! जय संविधान.’
*ये डर अच्छा है!!*
दैनिक जागरण ने (legal notice) भेजने के बाद अपनी झूठी खबर “UPPSC में चयनित 86 में 56 यादव” सभी प्टेलफार्म से हटा ली है।
यह हमारी बड़ी जीत है और उन सभी मीडिया संस्थानों के लिए कड़ी चेतावनी है जो एजेंडा चलाकर छवि धूमिल करने का प्रयास करते हैं!!जय संविधान 🙏 pic.twitter.com/1ezl3JFhGa
— Arpit Verma (@arpitverma10) December 22, 2025




