Violence in Manipur Ukhrul District: मणिपुर के उखरुल जिले में मंगलवार (10 फरवरी) को नए सिरे से हिंसा भड़कने के बाद राज्य सरकार (Manipur Govt) ने 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक (Internet Ban) लगा दी है. राज्य के गृह विभाग की तरफ से जारी एक आदेश में कहा गया कि इंटरनेट पर रोक सुबह 11:30 बजे से ‘बचाव’ और ‘एहतियाती’ कदम के तौर पर तुरंत लागू हो गया है.
बीते 8 फरवरी को जिले के लिटन इलाके में कुकी (Kuki Community) और तांगखुल नगा समुदायों (Tangkhul Naga Comminity) के बीच हिंसा के दौरान 25 घरों के अलावा चार सरकारी क्वार्टर में आग लगाए जाने की घटना के बाद से जिले में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
दो पड़ोसी गांवों के बीच चल रहे तनाव के बीच पुलिस ने लिटन और आसपास के गांवों में आगजनी और फायरिंग की नई घटनाओं की पुष्टि की है.
8 फरवरी की हिंसा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रविवार (8 फरवरी) की हिंसा का नतीजा है. हालांकि, ताजा हिंसा में कितने घरों को नुकसान पहुंचा है, इसका सही आंकड़ा अभी पता नहीं चला है, लेकिन हिंसा के कथित वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुए हैं.
मामला और बिगड़ने के डर से सोमवार (9 फरवरी) सुबह से ही कुकी और तांगखुल नगा दोनों समुदायों के लोगों ने अपने घर छोड़ने शुरू कर दिए थे. ग्रामीणों को ट्रकों, प्राइवेट गाड़ियों और पैदल ही इलाका छोड़ते देखा गया था. वे अपने साथ गद्दे, घर का सामान और जो भी कीमती सामान बचा सकते थे, ले जा रहे थे.
कानून व्यवस्था पर गंभीर असर
इंटरनेट पर रोक लगाने संबंधी सरकारी आदेश में कहा गया है, ‘जहां तक उखरुल जिले में खराब कानून और व्यवस्था की स्थिति का सवाल है, तो यह डर है कि कुछ असामाजिक तत्व लोगों की भावनाएं भड़काने वाली तस्वीरें, पोस्ट और वीडियो मैसेज भेजने के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसका मणिपुर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है.’
आगे कहा गया, ‘भड़काऊ सामग्री और झूठी अफवाहों के कारण जान-माल के नुकसान, सरकारी/निजी संपत्ति को नुकसान और सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का खतरा है, जिन्हें सोशल मीडिया/मोबाइल सेवाओं, SMS सेवाओं और डोंगल सेवाओं पर मैसेजिंग सेवाओं के ज़रिये जनता तक पहुंचाया/सर्कुलेट किया जा सकता है.’
नशे में हुआ झगड़ा
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि बीते 8 फरवरी को हुई हिंसा 7 फरवरी की शाम को लिटन सारेइखोंग में शराब के नशे में हुए झगड़े की वजह से हुई थी. झगड़े के दौरान तांगखुल नगा समुदाय से आने वाले स्टर्लिंग नाम के एक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. इसके बाद से तांगखुल नगा और कुकी समुदाय के लोग आमने-सामने हैं.
लिटन एक छोटा सा व्यावसायिक कस्बा है, जो राज्य की राजधानी इम्फाल से करीब 35 किमी दूर इम्फाल-उखरुल रोड पर है, जहां तांगखुल नगा और कुकी दोनों समुदायों के लोग रहते हैं. यह कस्बा आसपास के गांवों के लिए एक व्यापार हब का काम करता है, जहां रिहायशी और बाज़ार इलाके एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.
जान-माल का खतरा
मामले को और बढ़ने से रोकने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने 8 फरवरी की रात को अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया था और भारी सुरक्षा के इंतज़ाम किए, जिसमें राज्य और केंद्रीय बल तैनात किए गए.
कर्फ्यू के आदेश में ‘लिटन गांव में तांगखुल और कुकी समुदाय के बीच शांति भंग होने की आशंका, जिससे जान-माल का खतरा हो सकता है’ का ज़िक्र किया गया. रिपोर्ट के अनुसार, बीते 9 फरवरी को दोनों पक्षों के नेताओं के बीच बातचीत हुई, जिसकी अध्यक्षता उप-मुख्यमंत्री लोसी दिखो (Losii Dikho) ने की थी.




