पिछले 3 सालों में 50 से ज़्यादा टीवी चैनल अपने लाइसेंस सरेंडर करने पर मजबूर क्यों हुए

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

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डिजिटल और OTT प्लेटफॉर्म के आने के बाद देश में टीवी प्रसारण उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है. खबर है कि पिछले तीन सालों में 50 से ज़्यादा टेलीविज़न चैनलों ने अपने लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं.

यह दिखाता है कि भारत में परंपरागत टीवी प्रसारण उद्योग के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं और विज्ञापन से होने वाली कमाई कम हो रही है.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, JioStar, Zee Entertainment Enterprises, Eenadu Television, TV Today Network, NDTV और ABP Network उन ब्रॉडकास्टर्स में शामिल हैं, जिन्होंने लाइसेंस सरेंडर किए हैं.

इसके अलावा आंकड़ों से पता चलता है कि Culver Max Entertainment, जो Sony Pictures Networks India के तौर पर काम करती है, ने मंत्रालय से चैनलों के उसी सेट को अपलिंक और डाउनलिंक करने की मंज़ूरी मिलने के बाद 26 डाउनलिंकिंग परमिशन सरेंडर कर दीं.

वित्तीय नुकसान

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि लाइसेंस सरेंडर करने की वजह रणनीतिक पुनर्गठन, वित्तीय नुकसान और बाजार के बदलते हालात हैं.

भारत का Pay-TV इकोसिस्टम लगातार दबाव में है, क्योंकि अमीर परिवार तेज़ी से OTT प्लेटफॉर्म्स की ओर जा रहे हैं, जबकि कीमत को लेकर संवेदनशील परिवार DD Free Dish पर जा रहे हैं. Crisil की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, Pay DTH सब्सक्राइबर बेस वित्त वर्ष 2019 में 7 करोड़ 20 लाख से घटकर वित्त वर्ष 2024 में 6 करोड़ 20 लाख हो गया और मौजूदा वित्त वर्ष में इसके 5 करोड़ 10 से नीचे गिरने का अनुमान है.

राजस्व में गिरावट

रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञापनों ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है. WPP ने 2025 में टीवी विज्ञापन राजस्व में 1.5% की गिरावट का अनुमान लगाया है, जो 477.4 अरब रुपये हो जाएगा, जबकि कुल विज्ञापन बाजार 2025 में 1.8 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो सालाना 9.2% की दर से बढ़ेगा और 2026 में बढ़कर 2 ट्रिलियन रुपये हो जाएगा.

JioStar ने अंदरूनी व्यापार फैसलों का हवाला देते हुए Colors Odia, MTV Beats, VH1 और Comedy Central जैसे चैनलों के लाइसेंस सरेंडर कर दिए. Zee Entertainment ने Zee Sea को बंद कर दिया, जिसके पास सिर्फ़ अपलिंक लाइसेंस था. चैनल के ऑपरेशंस बंद होने के बाद यह कदम उठाया गया.


Enter10 ने लाइसेंस सरेंडर किए

Enter10 Media, जो हिंदी का सामान्य मनोरंज​क चैनल ‘दंगल’ चलाता है, जो व्यूअरशिप (दर्शक क्षमता) के मामले में भारत के टॉप-10 टीवी चैनलों में से एक है, उसने भी एक रणनीतिक समीक्षा के बाद कुछ लाइसेंस सरेंडर कर दिए हैं.

ब्रॉडकास्टर ने कहा कि उसने व्यापार के लक्ष्यों और रिसोर्स प्लानिंग की दिक्कतों के कारण अतिरिक्त चैनलों को लॉन्च करने की योजना को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है. इस समीक्षा के हिस्से के तौर पर, Enter10 Media ने अपने Dangal HD और Dangal Oriya चैनलों के लाइसेंस छोड़ दिए तथा HD और रीजनल विस्तार की योजनाओं को रोक दिया.

ABP Network ने ज़्यादा ऑपरेटिंग लागत और कम कमाई का हवाला देते हुए ABP News HD को बंद कर दिया, जबकि NDTV ने अपने प्रस्तावित गुजराती न्यूज़ चैनल NDTV Gujarati का लाइसेंस सरेंडर कर दिया.


दर्शकों की बदलती पसंद

उद्योग से जुड़े संगठनों ने कहा कि यह मंदी मीडिया और तकनीक के मेल से होने वाले ढांचागत बदलावों के साथ-साथ दर्शकों की बदलती पसंद और देखने के व्यवहार को दिखाती है. उन्होंने ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर में तनाव बढ़ाने वाले एक मुख्य कारण के तौर पर नियामक चुनौतियों को भी बताया है.

ब्रॉडकास्टर, केबल ऑपरेटर और DTH सर्विस प्रोवाइडर्स ने बार-बार यह बताया है कि टीवी उद्योग कई स्तरों पर नियमित किया जाता है, जिसमें लाइसेंसिंग, कंटेंट और प्राइसिंग शामिल हैं, जबकि OTT प्लेटफॉर्म पर ऐसा नहीं है, जो तुलनात्मक रूप से हल्के नियम-कानून के तहत काम करते हैं.

916 टीवी चैनल

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत में अभी 916 टीवी चैनल डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध हैं, जिनमें 572 फ्री-टू-एयर चैनल और 334 पे चैनल शामिल हैं. इसके अलावा, मंत्रालय ने उन टीवी चैनलों को 10 लाइसेंस दिए हैं, जो भारत से अपलिंक होते हैं, लेकिन सिर्फ़ विदेशों में ब्रॉडकास्ट होते हैं.

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