The Washington Post Mass Layoffs: इस हफ्ते बड़ी संख्या में कर्मचारियों को निकाले जाने के बाद अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट के प्रकाशक और सीईओ विल लुईस (Will Lewis) के भी इस्तीफे की खबरें सामने आ रही हैं.
लुईस ने कर्मचारियों के लिए एक संक्षिप्त नोट में अपने इस्तीफे की घोषणा की, अखबार के मालिक जेफ बेजोस (Jeff Bezos) को धन्यवाद दिया और दावा किया कि द वॉशिंगटन पोस्ट के भविष्य के लिए ‘कठिन निर्णय’ की जरूरत थी.
लुईस ने बीते शनिवार (7 फरवरी) को कर्मचारियों को एक संक्षिप्त नोट में लिखा, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट में दो साल के परिवर्तन के बाद अब मेरे लिए पद छोड़ने का सही समय है. मैं सीईओ और प्रकाशक के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान जेफ बेजोस को उनके समर्थन और नेतृत्व के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. संस्थान का इससे बेहतर मालिक नहीं हो सकता.’
कठिन निर्णय लिए गए
उन्होंने कहा, ‘मेरे कार्यकाल के दौरान द वॉशिंगटन पोस्ट के स्थायी भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए कठिन निर्णय लिए गए हैं, ताकि यह कई वर्षों तक हर दिन लाखों सब्सक्राइबर के लिए उच्च गुणवत्ता वाले गैर-पक्षपातपूर्ण समाचार प्रकाशित कर सके.’
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, Dow Jones के पूर्व मुख्य कार्यकारी और Wall Street Journal के प्रकाशक लुईस को साल 2023 में द वॉशिंगटन पोस्ट में इस पद पर नियुक्त किया गया था, क्योंकि अखबार भारी वित्तीय घाटे से जूझ रहा था. उन्होंने फ्रेड रयान का स्थान लिया, जिन्होंने लगभग एक दशक तक प्रकाशक और सीईओ के रूप में कार्य किया था.
जेफ डी’ओनोफ्रियो बने सीईओ
द वॉशिंगटन पोस्ट की ओर से कहा गया है कि Amazon के संस्थापक जेफ बेजोस के स्वामित्व वाले अखबार के मुख्य वित्तीय अधिकारी जेफ डी’ओनोफ्रियो (Jeff D’Onofrio) कार्यवाहक प्रकाशक और सीईओ के रूप में काम करेंगे. Google और Yahoo समेत अन्य कंपनियों में विभिन्न भूमिकाओं में काम करने के बाद वह पिछले जून में अखबार से जुड़े थे.
द वॉशिंगटन पोस्ट कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली यूनियनों ने कहा कि लुईस का जाना जरूरी था.
The Washington Post Guild ने एक बयान में कहा, ‘विल लुईस का बाहर निकलना काफी समय से लंबित है. उनकी विरासत एक महान अमेरिकी पत्रकारिता संस्थान को नष्ट करने का प्रयास होगी, लेकिन द वॉशिंगटन पोस्ट को बचाने के लिए अभी देर नहीं हुई है. जेफ बेजोस को तुरंत इन छंटनियों को रद्द करना चाहिए या इसके भविष्य में निवेश करने के इच्छुक किसी व्यक्ति को यह अखबार बेच देना चाहिए.’
एक-तिहाई कर्मचारियों की छंटनी
2013 में यह अखबार खरीदने वाले बेजोस ने नेतृत्व परिवर्तन को अखबार के लिए एक ‘असाधारण अवसर’ बताया. अखबार के अनुसार बेजोस ने कहा, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट के पास एक जरूरी पत्रकारिता मिशन और एक असाधारण अवसर है. हर दिन हमारे पाठक हमें सफलता का रोडमैप देते हैं.’
लुईस के जाने से कुछ ही दिन पहले द वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने लगभग एक-तिहाई कर्मचारियों की छंटनी कर उन्हें नौकरी से हटा दिया था. इस कदम से अखबार के लगभग सभी विभाग प्रभावित हुए थे.
बीते 4 फरवरी को छंटनी के दौरान उनकी गैरमौजूदगी के लिए उनकी आलोचना की गई, जिसे अखबार के पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टी बैरन ने अखबार के इतिहास में ‘सबसे काले दिनों में से एक’ के रूप में वर्णित किया. लुईस पिछले सप्ताह एक कर्मचारी बैठक से भी गैरहाजिर थे, जिसमें कर्मचारियों से कहा गया था कि उन्हें ईमेल द्वारा बताया जाएगा कि उनकी नौकरी चली गई है या नहीं.
कटौती की लहर
द वॉशिंगटन पोस्ट में अपने कार्यकाल के दौरान लुईस ने कर्मचारियों की कटौती की लहर देखी और अखबार द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का समर्थन बंद करने और अपने विचार अनुभाग के उदारवादी झुकाव की तरफ जाने के बाद उन्हें हजारों की संख्या में पाठकों के नुकसान से निपटना पड़ा था.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रभावशाली अमेरिकी अखबार में लुईस का दो साल का कार्यकाल उथल-पुथल से भरा रहा, जिसमें कई दौर की छंटनी और संपादकीय स्वतंत्रता पर सवाल शामिल थे. प्रकाशन द्वारा यह घोषणा करने के बाद कि वह 2024 के राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन नहीं देगा, चिंताएं और भी तेज हो गईं, आलोचकों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य तत्कालीन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को शांत करना था.
सब्सक्राइबर और राजस्व घटे
उस निर्णय के परिणामस्वरूप द वॉशिंगटन पोस्ट को 2024 में हजारों की संख्या में सब्सक्राइबर और लगभग 100 मिलियन डॉलर के राजस्व से हाथ धोना पड़ा था.
2024 में तत्कालीन कार्यकारी संपादक सैली बज़बी (Sally Buzbee) के साथ असहमति के कारण उनके चले जाने के बाद लुईस को ब्रिटिश पत्रकार और पूर्व सहयोगी रॉबर्ट विनेट को काम पर रखने के अपने प्रयास पर न्यूज़ रूम में आक्रोश का सामना करना पड़ा था, जो एक फोन-हैकिंग विवाद से जुड़े थे, जिसमें लुईस भी शामिल थे.
वॉल स्ट्रीट जर्नल के पूर्व संपादक मैट मरे (Matt Murray) को अंतत: सैली बज़बी का स्थायी रिप्लेसमेंट नामित किया गया, जो अब संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के लिए रॉयटर्स के समाचार संपादक हैं.
कई विभागों में छंटनी
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, मैट मरे, जो अब प्रधान संपादक के रूप में द वॉशिंगटन पोस्ट का नेतृत्व कर रहे हैं, ने बीते 4 फरवरी को कर्मचारियों से वादा किया कि हमारे संगठन के पास भविष्य में फलने-फूलने की योजना है, क्योंकि इसने अमेरिकी अखबार के इतिहास में सबसे बड़ी छंटनी में से एक को अंजाम दिया है. मालूम हो कि इसी दिन पूरी कंपनी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा हटा दिया गया है.
इस छंटनी ने अखबार के बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया. इसके खेल विभाग को बंद कर दिया और लोकल न्यूज़, स्टाइल और दुनिया को कवर करने वाली इसकी टीमों को भी खत्म कर दिया. इसके ऑडियो और वीडियो विभागों का तो जिक्र ही नहीं किया गया, जो पहले से ही पिछली कटौती से प्रभावित थे. वाणिज्यिक टीमों में भी कटौती की गई.
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 800 पत्रकारों में से 300 से अधिक को नौकरी से निकाल दिया गया. नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों में कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) के बेटे ईशान थरूर (Ishan Tharoor) भी शामिल थे. X पर एक पोस्ट में, उन्होंने न्यूज़रूम की एक तस्वीर शेयर की थी, जिस पर Democracy Dies in Darkness (लोकतंत्र अंधेरे में मर जाता है) लिखा हुआ था. इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था, A bad day (एक बुरा दिन).
A bad day pic.twitter.com/cIX8rIjJPu
— Ishaan Tharoor (@ishaantharoor) February 4, 2026




