Disabled Children Deaths in Ujjain: मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में स्थित अंकितग्राम सेवाधाम आश्रम में बीते 14 महीने में 17 दिव्यांग बच्चों की चौंकाने वाली मौतों के मामले में हाईकोर्ट ने इंदौर के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों को नोटिस जारी किया है. अदालत ने इन अधिकारियों से दो हफ्ते में निरीक्षण रिपोर्ट जमा करने को कहा है.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया. अदालत ने जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है, उनमें मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त, उज्जैन कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और सेवाधाम आश्रम के संचालक शामिल हैं.
एनीमिया और कुपोषण से पीड़ित
समाचार वेबसाइट एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ये मौतें शुरू में इंदौर के युग पुरुष आश्रम (Yug Purush Ashram, Indore) में हुईं. मरने वाले बच्चे एनीमिया और कुपोषण के शिकार थे.
इंदौर आश्रम में जून और जुलाई 2024 के बीच 10 बच्चों की मौत हो गई थी और 60 से ज़्यादा बीमार पड़ गए थे. तब अधिकारी अक्सर इसका कारण ‘सांस लेने में दिक्कत’ बताते थे.
इसे देखते हुए उस समय के इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने उस आश्रम की मान्यता रद्द कर दी थी और 25 दिसंबर 2024 को 86 दिव्यांग बच्चों को तुरंत उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में भेजने का आदेश दिया था.
इंदौर से आए थे बच्चे
हालांकि यह कदम, जो सुधार के तौर पर उठाया गया था, अब जांच के दायरे में आ गया है, क्योंकि इंदौर से उज्जैन आने के बाद भी बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में पिछले 14 महीनों में 10 से 18 साल के 17 बच्चों की मौत हो गई है.
इसे लेकर भैरवगढ़ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया. मृत बच्चों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन जब बार-बार मौतों की खबरें सामने आईं, तो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने दखल दिया और निर्देश दिया कि इस मामले को जनहित याचिका (PIL) माना जाए.
हालत चिंताजनक
चरक भवन अस्पताल के रेज़िडेंट मेडिकल अधिकारी डॉ. चिन्मय चिंचोलेकर ने कहा, ‘इलाज के लिए लाए गए बच्चों की हालत चिंताजनक थी. कुछ को मरा हुआ लाया गया था. कुछ की हालत गंभीर थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. ज़्यादातर मौतें गंभीर एनीमिया से जुड़ी थीं.’
मेडिकल विशेषज्ञों ने बताया कि कई बच्चे पहले से ही बहुत ज़्यादा कुपोषित और कमज़ोर थे.
आश्रम बंद
सेवाधाम आश्रम के निदेशक सुधीर भाई गोयल ने कहा कि इंदौर से भेजे गए कई बच्चे बहुत ज़्यादा दिव्यांग थे, चल या खड़े नहीं हो सकते थे. उन्हें सांस लेने में दिक्कत, दौरे, खून की कमी और लंबे समय तक हिल-डुल न पाने की वजह से होने वाली दिक्कतें थीं.
उन्होंने आगे कहा कि आश्रम में अभी लगभग 250 बेसहारा और दिव्यांग बच्चे हैं और दावा किया कि उनमें से 50 से ज़्यादा की हालत बहुत गंभीर है. आश्रम बंद कर दिया गया है.




