दिल्ली: विदेशों से आयातित ब्रांडों के एक्सपायर खाद्य उत्पाद प्रसिद्ध भारतीय स्टोरों को बेचे गए, 7 लोग गिरफ्तार

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो विदेशों के खराब हो चुके खाद्य पदार्थों (Expired Food Items) को यहां बेचने का काम करता था. कुल 43,762 किलोग्राम खाद्य पदार्थ और 14,665 लीटर पेय पदार्थ, 6,047 किलोग्राम कैंडी, बिस्कुट और वेफर्स और साथ ही 23,050 किलोग्राम विभिन्न सॉस, सिरका और अन्य मसाले को क्राइम ब्रांच ने जब्त किया, जो खराब हो चुके थे, जिनकी ​कीमत 4.3 करोड़ रुपये थे.

ब्रांडेड कं​पनियों के एक्सपायर उत्पाद

बीते 23 दिसंबर को पुलिस ने यह कार्रवाई की और 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने ओरियो, लिप्टन, रिट्ज, केलॉग्स, फैंटा, स्टारबक्स, नेस्कैफे, हाइंज़, हेलमैन्स, किक्कोमैन, केवपी, लिंड्ट, न्यूटेला, कैडबरी, प्रिंगल्स और लेज़ सहित कई ब्रांडों के एक्सपायर्ड उत्पाद बेचे.

अधिकारियों ने रेखांकित किया कि रैकेट ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर दिया है, क्योंकि जब्त की गईं कई वस्तुओं में शिशु आहार और अन्य उपभोग्य वस्तुएं शामिल हैं.

पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने अवैध रूप से आयातित, दोबारा पैक किए गए और खराब हो चुके अंतरराष्ट्रीय ब्रांडेड खाद्य उत्पादों को – बेहद कम कीमत पर खरीदा – Modern Bazaar और Nature’s Basket जैसे हाई-एंड किराना स्टोर और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेच दिया.

सदर बाजार में छापेमारी

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह ऑपरेशन क्राइम ब्रांच के साइबर सेल द्वारा एक ऐसे नेटवर्क के बारे में गुप्त सूचना के बाद किया गया था, जो विदेश से एक्सपायर हो चुके खाद्य पदार्थों या समाप्ति तिथि के करीब की वस्तुओं को औने-पौने दाम पर ला रहा था और धोखाधड़ी से उन्हें पूरे भारत में ताजा, आयातित उत्पादों के रूप में बेच रहा था.

दिल्ली के थोक बाजारों के केंद्र सदर बाजार के पहाड़ी धीरज और फैज़गंज इलाकों में छापेमारी की गई. पुलिस ने कहा कि छापेमारी के दौरान दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया, प्रोटोकॉल के अनुसार नमूने एकत्र किए गए और खेप जब्त कर ली गई.

पुलिस के मुताबिक, मास्टरमाइंड की पहचान अटल जायसवाल (54 वर्ष) के रूप में हुई.

एक्सपायर सामानों का आयात

क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम ने कहा, ‘जांच से पता चला कि मास्टरमाइंड मुंबई स्थित थोक एजेंटों के माध्यम से बेहद कम कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय खाद्य उत्पादों का आयात कर रहा था, जो एक्सपायर हो चुके थे या एक्सपायर होने वाले थे, जो यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, दुबई और अन्य देशों से खाद्य पदार्थ मंगाते थे. जब तक ये खेप भारत पहुंची, तब तक अधिकांश उत्पाद पहले ही एक्सपायर हो चुके थे या मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त हो गए थे. कानून के अनुसार उन्हें नष्ट करने के बजाय आरोपी ने अवैध रूप से उत्पादों का ‘पुनः निर्माण’ किया.’

अवैध मिलावट की पुष्टि

रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कहा कि विनिर्माण और समाप्ति की तारीखें बदल दी गईं, लेबल और उत्पाद की जानकारी बदल दी गई, नकली बारकोड, बैच नंबर और एमआरपी चिपका दिए गए, और वस्तुओं को दोबारा पैक किया गया, ताकि ऐसा लगे कि उन्हें ताजा आयात किया गया था.

डीसीपी गौतम ने कहा, ‘इन एक्सपायर उत्पादों को भारत भर में मॉडर्न बाज़ार, फूड स्टोरी, नेचर बास्केट, प्रमुख खुदरा श्रृंखलाओं, प्रमुख मॉल और विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों पर थोक में आपूर्ति की गई, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालते हुए भारी अवैध मुनाफा कमाया गया. पूरी प्रिंटिंग, सीलिंग और तारीख बदलने वाली मशीनरी की बरामदगी एक पूर्ण अवैध मिलावट और रीपैकेजिंग फैक्ट्री के अस्तित्व की पुष्टि करती है.’

ये हुए गिरफ्तार

गिरफ्तार किए गए लोगों में झारखंड के शिव कुमार (40 वर्ष), दिल्ली के मालवीय नगर से विश्वजीत धारा (25 वर्ष), बिहार के दरभंगा से विनोद (43 वर्ष), अरुण कुमार (30 वर्ष), उत्तर प्रदेश के जौनपुर से विजय कांत (50 वर्ष) और उत्तर प्रदेश के एटा से शमीम (30 वर्ष) शामिल हैं.

छापेमारी में जालसाजी और रीपैकेजिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले विशेष उपकरण – जैसे इंकजेट प्रिंटर, कारतूस, सीलिंग मशीन, रसायन, गोंद और नकली बारकोड स्टिकर भी बड़ी मात्रा में बरामद किए गए.

आगे की जांच जारी

क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने, खुदरा और ऑनलाइन खरीददारों की पहचान करने और एक्सपायर हो चुके और मिलावटी खाद्य उत्पादों के अवैध व्यापार में शामिल पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच चल रही है.

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