SIR in West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) के बाद 45,000 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं.
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 तक भवानीपुर में 2,06,295 मतदाता थे. ड्राफ्ट लिस्ट में अब 1,61,509 नाम हैं, जिसका मतलब है कि 44,787 मतदाता यानी कुल मतदाताओं का लगभग 21.7 प्रतिशत, हटा दिए गए हैं.
ममता बनर्जी ने जताई चिंता
चुनाव आयोग के इस कदम के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने हटाए गए मतदाताओं के नामों की नए सिरे से घर-घर जाकर जांच करने के लिए अपने बूथ-लेवल एजेंटों को निर्देश देने का फैसला किया है. ममता बनर्जी ने इस पर चिंता जताते हुए बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठक कर उनको घर-घर जाकर ऐसे मतदाताओं की पुष्टि करने को कहा है.
बीबीसी हिंदी की एक रिपोर्ट के अनुसार, भवानीपुर इलाके के बूथ नंबर 260 में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी वोट डालते हैं. वहां पहले 270 वोटर थे, लेकिन अब ड्राफ्ट सूची में यह संख्या 127 है.
बीते मंगलवार (16 दिसंबर) को राज्य सचिवालय से लौटने के बाद ममता ने बूथ लेवल एजेंटों के साथ एक बैठक की. इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
तथ्य जुटाने के निर्देश
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बीबीसी हिंदी को बताया, ‘विधानसभा क्षेत्र के अल्पसंख्यक बहुल 77 नंबर वार्ड में सबसे ज्यादा नाम कटे हैं. पार्टी के बूथ लेवल एजेंट और नेताओं से इस वार्ड पर खास ध्यान देने को कहा गया है.’
उनका कहना था कि ममता बनर्जी ने बैठक में दावा किया, ‘उनके मतदान केंद्र में कुछ लोगों को मृत बताते हुए उनके नाम काट दिए गए हैं.’ ममता ने इस पर नाराजगी जताते हुए ऐसे मतदाताओं के तथ्य जुटाने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर जीवित मतदाताओं को मृत बताकर उनके नाम सूची से कैसे हटाए जा सकते हैं?
58 लाख मतदाताओं के नाम हटे
मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, आयोग ने बीते 16 दिसंबर को SIR के बाद पश्चिम बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की, जिसमें मौत और माइग्रेशन जैसे कई कारणों से 58 लाख से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं और 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले जिलों और सीमावर्ती इलाकों में वोटर प्रोफाइल को फिर से बनाया गया है.
TMC इस बात से नाराज़ है कि चुनाव आयोग ने बड़ी संख्या में वोटरों को ‘मृत’, ‘शिफ्टेड’ (जो कहीं और चले गए) या ‘गैरहाजिर’ की श्रेणी में डाल दिया है.
TMC के एक सूत्र ने कहा, ‘पार्टी नेतृत्व ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी हालत में किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया जाना चाहिए. हर हटाए गए नाम का भौतिक रूप से सत्यापन होना चाहिए’.
भवानीपुर सीट
भवानीपुर में कोलकाता नगर निगम के वार्ड 63, 70, 71, 72, 73, 74, 77 और 82 शामिल हैं. सूत्रों ने बताया कि वार्ड 70, 72 और 77 में खास तौर पर ज़्यादा नाम हटाए गए हैं और वार्ड 77, जो अल्पसंख्यक बहुल इलाका है, उसकी जांच के दौरान खास ध्यान देने के लिए कहा गया है.
भवानीपुर, जो एक घना शहरी निर्वाचन क्षेत्र है, में उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के मूल निवासियों की अच्छी खासी आबादी है.
SIR के तहत दावों और आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, इसलिए पार्टी ने स्थानीय नेतृत्व को सत्यापन के दौरान प्रभावित मतदाताओं के साथ खड़े रहने का निर्देश दिया गया है.
घरों का दौरा करें स्वयंसेवक
TMC ने स्थानीय इकाइयों से कहा है कि वे लोगों को डॉक्यूमेंटेशन, फॉर्म भरने और सुनवाई में मदद करने के लिए मोहल्ला स्तर पर ‘May I Help You’ कैंप चलाते रहें और कहा कि जरूरत पड़ने पर स्वयंसेवकों को घरों का दौरा करना चाहिए.
खबरों के अनुसार, भवानीपुर में ये घटनाक्रम पूरे दक्षिण कोलकाता में बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाने के बीच हो रहा है.
SIR की ड्राफ्ट लिस्ट से पता चलता है कि चार राजनीतिक रूप से हाई-प्रोफाइल विधानसभा क्षेत्रों – भवानीपुर, कोलकाता पोर्ट, बालीगंज और रासबिहारी – में कुल मिलाकर 2.16 लाख से ज़्यादा नाम हटाए गए हैं, जो उनके कुल वोटरों का लगभग 24 प्रतिशत है. जब SIR प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब इन सीटों पर मिलाकर लगभग 9.07 लाख वोटर थे.




