बीते शुक्रवार (26 दिसंबर) को उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) खत्म होने के साथ ही कुल 15.44 करोड़ नामों में से 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे.
SIR की डेडलाइन पहले ही दो बार बढ़ाई जा चुकी थी, लेकिन 2.89 करोड़ मतदाताओं (लगभग 19%) का आंकड़ा इकट्ठा नहीं किया जा सका है.
सूत्रों के अनुसार, जिन 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, उनमें से 1.26 करोड़ लोग कहीं और जा चुके हैं, 46 लाख लोगों की मौत हो चुकी है, 23.70 लाख नाम डुप्लीकेट हैं, 83.73 लाख लोग गैर-मौजूद हैं और 9.57 लाख अन्य कैटेगरी के हैं.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 दिसंबर, 2025 को जारी की जाएगी. इस पर दावे और आपत्तियां 31 दिसंबर से 30 जनवरी 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे.
इस बीच 31 दिसंबर से 21 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण के दौरान गिनती फॉर्म पर फैसले और दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा. फिर फाइनल वोटर लिस्ट 28 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी.
लखनऊ में सबसे अधिक नाम कटे
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, 2.89 करोड़ लोगों में से सबसे अधिक संख्या लखनऊ और गाजियाबाद की है. केवल लखनऊ में ही 30% नाम हटाए गए हैं. पिछले 14 दिनों में SIR में सिर्फ 2 लाख नए नाम जुड़े हैं, जबकि हटाए गए नामों की संख्या इसकी तुलना में कई गुना अधिक है.
इससे विपक्षी दलों की निगाहें भी इस ड्राफ्ट पर टिकी हुई हैं. फोकस यह है कि इतने बड़े पैमाने पर नाम काटे जाने के बाद अंतिम सूची आने पर प्रदेश की मतदाता संख्या में कितना बदलाव दर्ज होता है.
रिपोर्ट के अनुसार, दो हफ्ते पहले चुनाव आयोग ने बताया था कि 2.91 करोड़ नाम मतदाता सूची से कटने वाले हैं, क्योंकि इन लोगों ने अपने फॉर्म जमा नहीं किए थे. इसी अवधि में केवल 2 लाख नए फॉर्म वापस आए, जिसके बाद अंतिम संख्या घटकर 2.89 करोड़ रह गई.
2 बार बढ़ी डेडलाइन
चुनाव आयोग ने बीते 11 दिसंबर को SIR की डेडलाइन दूसरी बार दो हफ्ते बढ़ाकर 26 दिसंबर, 2025 कर दी थी. इतना ही नहीं 2003 की वोटर लिस्ट को मौजूदा मतदाता सूची के साथ मैपिंग करने का काम भी पूरा हो गया है.
2003 की मतदाता सूची से मौजूदा वोटर लिस्ट में शामिल लगभग 91 प्रतिशत लोगों का मिलान हो गया है. ऐसे मतदाताओं का मिलान उनके अपने नाम, माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी के नाम से किया गया है.




