ओडिशा के नबरंगपुर जिले के आदिवासी बहुल गांव कपेना में एक चर्च को हटाने की मांग पर व्याप्त तनाव के बीच बीते शनिवार (14 फरवरी) को एक ईसाई परिवार को कथित तौर पर एक मृत 13 वर्षीय लड़के को दफनाने की अनुमति नहीं दी गई.
कपेना के मूल निवासी क्रुतिबास सांता, जो ईसाई समुदाय से हैं, ने शनिवार सुबह लंबी बीमारी के बाद अपने बेटे को खो दिया. हालांकि बाद में गांव के अन्य निवासियों ने कब्रिस्तान तक शव को ले जाने के मार्ग को अवरुद्ध कर दिया और परिवार को वहां अंतिम संस्कार करने से रोक दिया.
अपनी जमीन पर दफनाया शव
परिवार के सदस्यों ने कहा कि इसके बाद उन्होंने मौत के लगभग 20 घंटे बाद जिला प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बच्चे के शव को अपनी जमीन में दफना दिया. क्रुतिबास को एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करना पड़ा कि कब्र के पत्थर पर कोई धार्मिक प्रतीक नहीं रखा जाएगा और गांव में शांति और व्यवस्था बनाए रखी जाएगी.
इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उमरकोट के अतिरिक्त तहसीलदार नीलांबर पुजारी ने बताया, ‘ग्रामीण, जिनमें मृतक के कुछ प्रत्यक्ष रिश्तेदार (जो ईसाई समुदाय से नहीं थे) भी शामिल थे, नाबालिग के शव को उसकी अपनी पंजीकृत भूमि पर भी दफनाने का विरोध कर रहे थे. उन्होंने मांग की कि शव को गांव के बाहर ले जाया जाए.’
जो भी हुआ वह अमानवीय
पुजारी ने कहा कि जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव को परिवार की अपनी पंजीकृत भूमि पर दफनाया गया.
पिता क्रुतिबास के अनुसार, मौजूदा तनाव के कारण ग्रामीणों ने सामुदायिक कब्रिस्तान में उनके बेटे के शव को दफनाने का विरोध किया. उन्होंने बताया, ‘जो कुछ भी हुआ, वह अमानवीय था. हम बहुत असहाय महसूस कर रहे थे.’
गांव में ईसाई समुदाय के लिए अलग से कोई कब्रिस्तान नहीं है. क्रुतिबास ने कहा कि उनके समुदाय के लोग अपने मृतकों को दफनाने के लिए जमीन के एक हिस्से का इस्तेमाल करते थे.
पिछले महीने से है तनाव
गांव में पिछले महीने से तनाव देखा जा रहा है, क्योंकि बहुसंख्यक समुदाय की मांग है कि गांव में ईसाई चर्च और प्रार्थना कक्ष को उसके वर्तमान स्थान से हटाया जाए. गांव में लगभग 30 ईसाई परिवार रहते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि साथ 2008 में स्थापित ईसाई प्रार्थना कक्ष कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 25 जनवरी से बंद है.
बहुसंख्यक समुदाय ने कहा है कि वे सात दिवसीय हवन की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए एक पुजारी ने कथित तौर पर कहा है कि चर्च को कहीं स्थानांतरित किया जाना चाहिए. फिलहाल किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए गांव में पुलिस तैनात की गई है. पुलिस ने बताया कि फिलहाल गांव में स्थिति नियंत्रण में है.




