NewsClick और संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ पर FEMA नियमों के उल्लंघन के लिए 184 करोड़ रुपये का जुर्माना

न्यूज़क्लिक का लोगो और इसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ. (फोटो साभार: फेसबुक)

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते सोमवार (16 फरवरी) को न्यूज़ पोर्टल NewsClick और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत विदेशी फंडिंग विनियमन के कथित उल्लंघन के लिए 184 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया.

ED ने बताया कि 184 करोड़ रुपये में से NewsClick पर 120 करोड़ रुपये का, जबकि पुरकायस्थ पर 64 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.

NewsClick और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ (Prabir Purkayastha) के खिलाफ ED, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), दिल्ली पुलिस और इनकम टैक्स (IT) विभाग समेत कई एजेंसियां ​​जांच कर रही हैं. इन पर कथित देश-विरोधी गतिविधियों (Anti-National Activities) में शामिल होने से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन जैसे कई आरोप हैं.

दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर 2023 में पुरकायस्थ को गिरफ्तार किया था. वह फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

कानून का उल्लंघन

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, NewsClick के खिलाफ अपनी जांच के हिस्से के तौर पर ED ने शंघाई में रहने वाले एक अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम को समन जारी किया था, लेकिन नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों के मुताबिक, उनसे कोई जवाब नहीं मिला है.

ED ने सोमवार को एक बयान में कहा कि FEMA के तहत बनाए गए प्राधिकरण ने ‘प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और फॉरेन इनवर्ड रेमिटेंस (यानी एक खास समय में किसी दूसरे देश से भारत में किसी व्यक्ति या व्यापार को ट्रांसफर की गई कुल रकम) से जुड़े विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन से जुड़े मेसर्स PPK NewsClick स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के मामले में एक आदेश जारी किया है’.

PPK NewsClick स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म NewsClick की मालिक है, जिसे इसके एडिटर-इन-चीफ प्रबीर पुरकायस्थ ने शुरू किया था.

शर्तों को दरकिनार किया

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, ED ने FEMA के अनुच्छेद 16 के तहत एक शिकायत दर्ज की थी, जिसमें विदेशी फंड मिलने और इस्तेमाल को लेकर FEMA नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था.

ED के मुताबिक, फैसला करने वाले प्राधिकरण ने रिकॉर्ड, सबूत और नोटिस पाने वालों की जांच के बाद यह पाया कि 2018-19 के दौरान लगभग 9.59 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) कानूनी फाइलिंग में व्यावसायिक गतिविधि की प्रकृति को गलत तरीके से बताकर लिया गया था. इस तरह से FEMA के तहत निर्धारित शर्तों को दरकिनार कर दिया गया.

पुरकायस्थ को ज़िम्मेदार ठहराया

इसमें कहा गया है, ‘2018-19 से 2023-24 के बीच सेवाओं के निर्यात के लिए कथित तौर पर मिले 82.63 करोड़ रुपये के विदेशी इनवर्ड रेमिटेंस (यानी एक खास समय में किसी दूसरे देश से भारत में किसी व्यक्ति या व्यापार को ट्रांसफर की गई कुल रकम), निर्यात के गलत वर्गीकरण और SOFTEX फॉर्म (भारत में सॉफ्टवेयर या IT सर्विस एक्सपोर्ट की घोषणा के लिए RBI द्वारा विनियमित एक ज़रूरी दस्तावेज) जमा करने सहित ज़रूरी रिपोर्टिंग आवश्यकताओं का पालन न करने की वजह से FEMA के नियमों का उल्लंघन करते पाए गए.’

फैसला करने वाले प्राधिकरण ने पाया कि लेन-देन जान-बूझकर इस तरह से किए गए थे, जिससे विदेशी मुद्रा नियामक ढांचे के मकसद पूरे नहीं हुए. ED ने कहा, ‘NewsClick के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ उस समय व्यापार चलाने के इंचार्ज और ज़िम्मेदार पाए गए, इसलिए उन्हें FEMA के अनुच्छेद 42 के तहत ज़िम्मेदार ठहराया गया.’

फरवरी 2021 में पड़ा था छापा

इसमें कहा गया, ‘प्राधिकरण ने देखा कि उल्लंघन काफी बड़े, जानबूझकर और सिस्टम से जुड़े थे, जिसमें बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा लेनदेन और नियामक प्राधिकरण को दी गई वैधानिक घोषणाओं का उल्लंघन शामिल था. इसलिए FEMA के अनुच्छेद 13(1) के तहत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए प्राधिकरण ने PPK NewsClick स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड पर 120 करोड़ रुपये और संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ पर 64 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है.’

फरवरी 2021 में ED ने प्रबीर पुरकायस्थ और NewsClick के दफ्तर में छापेमारी की थी.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 2023 में आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत केस दर्ज करते हुए कहा था कि NewsClick के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने, नाराजगी फैलाने और देश की एकता और अखंडता को खतरे में डालने की साज़िश का हिस्सा थे.

आरोपों से इनकार

NewsClick ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि उसने कभी भी किसी चीनी संस्था या प्राधिकरण के कहने पर कोई खबर या जानकारी प्रकाशित नहीं की. उसने अमेरिकी अरबपति नेविल रॉय सिंघम से कोई भी निर्देश लेने से इनकार किया.

पोर्टल ने 2023 में एक बयान में कहा था, ‘NewsClick को मिली सारी फंडिंग सही बैंकिंग चैनलों के ज़रिये हुई है और कानून के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई है, जैसा कि दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी साबित किया है.’

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