Indians in Pakistan’s Custody: केंद्रीय विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, काउंसलर एक्सेस पर 2008 के द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के तहत भारत और पाकिस्तान ने बीते गुरुवार (01 जनवरी) को राजनयिक चैनलों के ज़रिये नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की लिस्ट का आदान-प्रदान किया.
बयान में कहा गया है, ‘भारत (India) ने अपनी हिरासत में 391 नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूची साझा की है, जो पाकिस्तानी हैं या जिनके पाकिस्तानी होने का संदेह है. इसी तरह पाकिस्तान (Pakistan) ने अपनी हिरासत में 58 नागरिक कैदियों और 199 मछुआरों की सूची साझा की है, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने का संदेह है.’
प्रक्रिया में तेजी लाएं
बयान के अनुसार, ‘भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से नागरिक कैदियों, मछुआरों और उनकी नावों के साथ-साथ लापता भारतीय रक्षाकर्मियों को जल्द रिहा करने और वापस भेजने की मांग की है. पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया गया है कि वह 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाए, जिन्होंने अपनी सज़ा पूरी कर ली है.’
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इसके अलावा, पाकिस्तान से कहा गया है कि वह पाकिस्तान की हिरासत में मौजूद 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तुरंत काउंसलर एक्सेस दे, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं और जिन्हें अब तक काउंसलर एक्सेस नहीं दिया गया है.
सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा
काउंसलर एक्सेस (Consular Access) एक विदेशी नागरिक का अधिकार है, जब उसे किसी दूसरे देश में गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है, तो वह मदद के लिए अपने देश के दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क कर सकता है. यह अधिकार वियना कन्वेंशन ऑन कॉन्सुलर रिलेशंस (VCCR) द्वारा अनिवार्य है.
बयान में कहा गया है, ‘भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से सभी भारतीय और भारतीय माने जाने वाले नागरिक कैदियों और मछुआरों की रिहाई और भारत वापसी तक उनकी सुरक्षा, हिफ़ाज़त और भलाई सुनिश्चित करने को कहा है.’
2014 से इतने भारतीय वापस लाए गए
बयान के अनुसार, ‘भारत सरकार की लगातार कोशिशों के कारण 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय नागरिक कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है. इसमें 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय नागरिक कैदी शामिल हैं, जिन्हें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस लाया गया है.’
इससे पहले 1 जुलाई 2025 को भारत और पाकिस्तान ने नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक चैनलों (Diplomatic Channels) के ज़रिये एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया था. 2008 के द्विपक्षीय काउंसलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के तहत ऐसी सूची हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को बदली जाती हैं.




