मध्य प्रदेश के खरगोन ज़िले में खाने में ज़हर की वजह से 200 तोतों की मौत

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

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मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे खाने में ज़हर (Food Poisoning) की वजह से कम से कम 200 तोतों की मौत का मामला सामने आया है. अधिकारियों ने शुक्रवार (02 जनवरी) को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों में बड़वाह इलाके में नदी किनारे एक पुल के पास तोतों के शव मिले हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह बर्ड फ्लू (Bird Flu) नहीं बताई गई है.

जिला वन्यजीव वार्डन टोनी शर्मा ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान कुछ तोते ज़िंदा थे, लेकिन खाने में ज़हर इतना ज़्यादा था कि वे कुछ ही देर बाद मर गए.

संक्रमण का निशान नहीं

मीडिया में आई खबरों के अनुसार, बर्ड फ्लू के डर की आशंका के बाद इस इलाके में मौतें होने से दहशत फैल गई, लेकिन पशु चिकित्सकों की जांच में संक्रमण का कोई निशान नहीं मिला. वन विभाग के अधिकारियों ने पुल के पास खाना खिलाने पर रोक लगा दी है और सख्ती से पालन करवाने के लिए मौके पर स्टाफ तैनात किया है.

अधिकारियों ने बताया कि पक्षियों के अंदरूनी अंगों के सैंपल आगे की जांच के लिए जबलपुर भेजे गए हैं.

फूड पॉयज़निंग

पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, फूड पॉयज़निंग और गलत खान-पान की वजह से मौतें हुई हैं. स्थानीय निवासियों द्वारा अलर्ट किए जाने के बाद पिछले चार दिनों से पशु चिकित्सा और वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव विंग की टीमें भी इलाके की निगरानी कर रही हैं.

पशु चिकित्सक डॉ. मनीषा चौहान, जिन्होंने पोस्टमॉर्टम किया, ने बताया कि तोतों में फूड पॉयज़निंग के लक्षण पाए गए, लेकिन बर्ड फ्लू का कोई संकेत नहीं मिला. उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अनजाने में पक्षियों को ऐसा खाना खिला देते हैं, जो उनके पाचन तंत्र के लिए जानलेवा साबित होता है.

कीटनाशक का असर

वेटनरी एक्सटेंशन ऑफिसर डॉ. सुरेश बघेल ने बताया कि मरे हुए पक्षियों के पेट में चावल और छोटे-छोटे पत्थर मिले हैं. उन्होंने कहा कि पहली नज़र में मौतें गलत खाना खिलाने से जुड़ी लग रही हैं और इसके पीछे स्प्रे किए गए खेतों में खाना खाने से कीटनाशक का असर और नर्मदा नदी का पानी भी वजह हो सकते हैं.

अधिकारियों ने कहा कि पुल पर आने वाले लोग पक्षियों को पका हुआ या बचा हुआ खाना खिलाते हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है.

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