2026 के पहले 74 दिनों में देश भर में हिरासत में 170 मौतें हुईं, सरकार ने संसद में दी जानकारी

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: यूट्यूब वीडियोग्रैब)

SHARE:

समाचार सुनो

Custodial Deaths in India: 1 जनवरी से 15 मार्च 2026 के बीच पूरे देश में हिरासत में मौत के कुल 170 मामले सामने आए हैं. बीते मंगलवार (24 मार्च) को यह जानकारी सरकार की ओर से संसद में दी गई है.

गृह मंत्रालय की ओर से साझा किए गए ये आंकड़े राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से प्राप्त राज्य-वार जानकारी का हिस्सा हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 से 2026 तक हिरासत में हुई मौतों का राज्य-वार आंकड़ा पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दिखाता है.


क्या कहते हैं आंकड़े

2024-25 में हिरासत में हुई मौतों के संबंध में दर्ज मामलों की कुल संख्या 140 रही, जबकि 2023-24 में 157 मामले, 2022-23 में 163 और 2021-22 में 176 मामले दर्ज किए गए थे.

राज्यों में बिहार ने इस साल अब तक हिरासत में हुई मौतों की सबसे अधिक संख्या (19 मामले) दर्ज की है, जिसके बाद राजस्थान (18 मामले) और उत्तर प्रदेश (15 मामले) का स्थान है. पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में 14-14 मामले दर्ज किए गए.


दक्षिणी राज्यों का हाल

दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु में 7 मामले, तेलंगाना में 5 और कर्नाटक में 3 मामले दर्ज किए गए. इसी अवधि के दौरान केरल में भी 3 मामले सामने आए. पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल में 7 मामले दर्ज किए गए, जबकि ओडिशा में 9 मामले सामने आए.

पूर्वोत्तर क्षेत्र में असम में 5 मामले सामने आए, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 3 मामले दर्ज किए गए. मिज़ोरम, सिक्किम और लद्दाख सहित कई छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस अवधि के दौरान हिरासत में किसी की मौत का कोई मामला सामने नहीं आया.

केंद्र शासित प्रदेशों का आंकड़ा

केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में चार मामले दर्ज किए गए, जबकि जम्मू कश्मीर में 2026 में अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और पुदुचेरी में एक-एक मामला दर्ज किया गया.

ये आंकड़े राज्यों के बीच भिन्नता दर्शाते हैं, लेकिन यह संकेत देते हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में मौजूदा वर्ष में हिरासत में होने वाली मौतों में कुल मिलाकर वृद्धि हुई है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *