आंध्र प्रदेश: कथित तौर पर मिलावटी दूध पीने से 4 लोगों की मौत, 7 की हालत गंभीर

(प्रतीकात्मक फोटो: INDIA 151)

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आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में मिलावटी दूध पीने के बाद चार लोगों की मौत होने की घटना सामने आई है. इनके अलावा अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे 7 लोगों की हालत गंभीर है.

पुलिस अधीक्षक (SP) डी. नरसिम्हा किशोर ने मरने वालों की पहचान एन. शेषगिरिराव (72 वर्ष), राधाकृष्णमूर्ति (74 वर्ष), ताडी कृष्णवेनी (76 वर्ष) और ताडी रमानी (58 वर्ष) के तौर पर की है.

अधिकारियों ने एक स्थानीय डेयरी का पता लगाया, जो मिलावटी दूध सप्लाई कर रही थी; उसके मालिक गणेश्वर राव को गिरफ्तार कर लिया गया है.

ज़िला कलेक्टर कीर्ति चेकुरी ने कहा कि विशेष टीमों ने शहर के चौदेश्वरी नगर और स्वरूपनगर जैसे प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे किया, जिसमें मेडिकल सेवा, जांच और निगरानी शामिल है.

किडनी की समस्या

शुरुआती जांच से पता चलता है कि दूध का इस्तेमाल करने वालों में एनुरिया (Anuria – पेशाब न कर पाना) और किडनी की गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं.

उप पुलिस अधीक्षक (DSP) वाई. श्रीकांत ने कहा, ‘पिछले दो दिनों में शहर में एक अनधिकृत विक्रेता का दिया हुआ मिलावटी दूध पीने से चार लोगों की मौत हो गई. विक्रेता को गिरफ्तार कर लिया गया है. खाद्य सुरक्षा टीमों ने प्रभावित परिवारों से दूध और खून के नमूने इकट्ठा करके उन्हें विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया है.’

10 लाख का मुआवज़ा

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को बीमार लोगों को सबसे अच्छी मेडिकल देखभाल करने और मिलावट की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ‘मिलावटी’ दूध पीने के बाद अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे लोगों के पूरा मेडिकल खर्च उठाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम पीड़ितों के परिवार को 10 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा और अस्पताल में भर्ती सभी लोगों के लिए मुफ्त इलाज की पेशकश कर रहे हैं.’

ज़रूरी क़दम उठाए गए

मंगलवार (24 फरवरी) को राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त वीर पांडियन ने कहा कि 15 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से तीन वेंटिलेटर पर, दो डायलिसिस पर और तीन और वेंटिलेटर-डायलिसिस पर हैं.

उनके अनुसार, जिनका इलाज चल रहा है, उनमें दो बच्चे भी हैं, जिसमें एक पांच महीने का बच्चा भी शामिल है. उन्होंने कहा कि मंगलवार को कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ. अस्पताल में भर्ती सभी लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

डॉक्टर मौजूद

समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि 16 फरवरी को घरों में दूध पहुंचाया गया था, जिसके बाद से लोगों को दिक्कत होनी शुरू हो गई थीं. ऐसी आशंका है कि कुछ लोगों में बाद में लक्षण दिख सकते हैं, इसलिए प्रभावित इलाकों में 24 घंटे डॉक्टर मौजूद रखे गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि ये उपाय एक और महीने तक जारी रहेंगे.

उन्होंने कहा कि खून की जांच के नतीजों के आधार पर तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनमें से दो में क्रिएटिनिन का स्तर ज़्यादा पाया गया. 110 परिवारों के 315 लोगों के खून के नमूने लिए गए, जिन्होंने एक ही विक्रेता से दूध लिया था. उनमें से दो में क्रिएटिनिन का स्तर ज़्यादा था, जबकि तीसरे में संदिग्ध लक्षण थे. उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है.

यूरिया के निशान नहीं मिले

वीर पांडियन ने कहा कि जांचकर्ताओं को अब तक दूध में यूरिया के निशान नहीं मिले हैं. अगर दूध में यूरिया पाया जाता है, तो किडनी फेलियर और लिवर डैमेज जैसी समस्याएं तुरंत नहीं होंगी.

उन्होंने मेडिकल विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि ऐसा तभी हो सकता है, जब यूरिया मिला हुआ दूध लंबे समय तक पिया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि एथिलीन ग्लाइकॉल मिला हुआ दूध पीने के तीन से चार दिन बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

एथिलीन ग्लाइकाल लीक हुआ

वीर पांडियन ने इंस्टिट्यूट ऑफ प्रिवेंटिव मेडिसिन (खाद्य सुरक्षा विभाग) के डायरेक्टर नीलकंठ रेड्डी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, ने कहा कि पुलिस जांच में पता चला कि एथिलीन ग्लाइकॉल, जो दूध ठंडा करने वाली मशीन में कूलेंट के तौर पर इस्तेमाल होता है, लीक हो गया था.

उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रभावित परिवारों द्वारा इस्तेमाल किए गए बचे हुए दही, घी, सिरका और दूध के 10 नमूने इकट्ठा किए हैं और उन्हें परीक्षण के लिए हैदराबाद और काकीनाडा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त लैब में भेजा है.

मामले की जांच जारी

उन्होंने कहा कि पानी के सैंपल की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें दूध में मिलावट के स्रोत के बारे में साफ जानकारी मिलने की उम्मीद है. पुलिस दूध विक्रेता से मिली जानकारी के आधार पर जांच जारी रखे हुए है, जो पहले से ही पुलिस हिरासत में है.

डेयरी मिल्क स्टोरेज में एथिलीन ग्लाइकॉल के इस्तेमाल और उससे जुड़े मामलों की जांच की जा रही है. पुलिस ने मिल्क कूलिंग मशीन को ठीक करने वाले मैकेनिक से भी पूछताछ की है.

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