मणिपुर: उखरुल ज़िले में हिंसा के दौरान इमारतें और सरकारी क्वार्टर जलाए गए, लोगों ने घर छोड़ा

मणिपुर के उखरुल जिले में भड़की हिंसा के दौरान कई घरों में आग लगा दी गई. (फोटो साभार: एक्स वीडियोग्रैब)

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मणिपुर से एक बार फिर हिंसा की खबरें आ रही हैं. सोमवार (9 फरवरी) को राज्य के उखरुल जिले के पास के लिटन और मंगकोट गांवों में तांगखुल नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़पों के बाद कई लोगों ने अपने घर छोड़ दिए. इस दौरान उपद्रवियों ने 25 घर और चार सरकारी क्वार्टर जला दिए.

लिटन पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि क्षति पहुंचायी गई इमारतों में कुकी समुदाय के सदस्यों के दो घर शामिल थे.

यह हिंसा रविवार (8 फरवरी) देर रात करीब 11:30 बजे लिटन बाज़ार में भड़की. बड़ी संख्या में उपद्रवियों ने घरों में आग लगाना शुरू कर दिया. पुलिस ने बताया कि इस दौरान ऑटोमैटिक राइफलों से गोलियां चलाने की आवाज़ें सुनी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई.

लोगों ने छोड़ा इलाका

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मामला और बिगड़ने के डर से कुकी और तांगखुल नगा दोनों समुदायों के लोगों ने अपने घर छोड़ने शुरू कर दिए. ग्रामीणों को ट्रकों, प्राइवेट गाड़ियों और पैदल ही इलाका छोड़ते देखा गया. वे अपने साथ गद्दे, घर का सामान और जो भी कीमती सामान बचा सकते थे, ले जा रहे थे.

उखरुल के जिला मजिस्ट्रेट ने रविवार शाम को लिटन गांव में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया. एक सरकारी आदेश में कहा गया, ‘विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, लिटन गांव में तांगखुल और कुकी समुदायों के बीच शांति और सार्वजनिक व्यवस्था भंग होने की आशंका है, जिससे लोगों की जान और संपत्ति को खतरा हो सकता है.’

सेना तैनात

अधिकारियों ने बताया कि हालात को संभालने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और असम राइफल्स ने भारी किलेबंदी कर दी है. असम राइफल्स, CAPF, 8 बिहार रेजिमेंट की यूनिट्स और 4th महार रेजिमेंट के जवानों समेत अतिरिक्त फोर्स भी तैनात की गई है.

मणिपुर पुलिस की एक टीम, जिसकी अगुवाई एक इंस्पेक्टर जनरल (कानून-व्यवस्था) कर रहे थे, ने हालात का जायजा लिया और वहां सुरक्षा इंतज़ामों की समीक्षा की. कुकी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले साइकुल के विधायक किमनेओ हाओकिप और तांगखुल नगा समुदाय के उखरुल विधायक राम मुइवा ने प्रभावित इलाके का दौरा किया.

इस कारण भड़की हिंसा

पुलिस ने बताया कि 7 फरवरी की शाम को लिटन सरेखोंग में नशे में हुई लड़ाई के कारण हिंसा भड़की. झगड़े के दौरान तांगखुल नगा समुदाय के स्टर्लिंग नामक व्यक्ति पर कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. बाद में उन्हें इलाज के लिए इम्फाल के एक अस्पताल में ले जाया गया.

रविवार शाम को जब झड़पें तेज़ हुईं, तो सुरक्षा बलों ने पत्थर फेंक रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.

FIR दर्ज

लिटन, मणिपुर की राजधानी इम्फाल से लगभग 35 किमी दूर एक छोटा व्यावसायिक कस्बा है, जहां तांगखुल नगा और कुकी दोनों समुदाय के लोग रहते हैं. यह कस्बा आसपास के गांवों के लिए एक व्यापार हब का काम करता है, जहां रिहायशी और बाज़ार इलाके एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.

पुलिस ने बताया कि इस संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है.

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