World Happiness Report 2026 में भारत 116वें स्थान पर, नेपाल और पाकिस्तान से रहा पीछे

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Meta AI)

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World Happiness Report 2026: हाल ही में जारी ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026’ में भारत (India) 116वें स्थान पर रहा; यह पिछले साल के 118वें स्थान से दो पायदान ऊपर है, लेकिन नेपाल (Nepal) और पाकिस्तान (Pakistan) से पीछे है.

बीते 19 मार्च को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच 79 देशों ने 2006-2010 आधार अवधि से 2023-2025 तक खुशी के स्तर में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की.

फिनलैंड 9वें वर्ष शीर्ष पर

फिनलैंड (Finland) 2026 में लगातार 9वें साल शीर्ष स्थान पर रहते हुए दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना हुआ है. इस देश की आबादी ने इस वर्ष औसत जीवन मूल्यांकन स्कोर (Life Evaluation Score) 10 में से 7.764 दर्ज किया, जो पिछले वर्ष से 0.375 अंक अधिक है.

फिनलैंड के बाद नॉर्डिक देश आइसलैंड (दूसरा), डेनमार्क (तीसरा), स्वीडन (5वां), और नॉर्वे (6वां), भी 2026 में शीर्ष 10 सबसे खुशहाल देशों में शामिल हैं.

कोस्टा रिका (Costa Rica) ने इस वर्ष उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जो 2023 में 23वें से लगातार चढ़ते हुए 2026 में चौथे स्थान पर पहुंच गया है, जो इसकी अब तक की सर्वोच्च रैंकिंग है. स्विट्जरलैंड पिछले साल 13वें स्थान पर खिसकने के बाद 10वें स्थान पर वापस आकर शीर्ष-10 में पहुंच गया.

 

अंग्रेजी बोलने वाले देशों की स्थिति

2026 की रैंकिंग में अंग्रेजी बोलने वाले देशों की उल्लेखनीय अनुपस्थिति देखी गई, लगातार दूसरे वर्ष शीर्ष-10 में कोई भी शामिल नहीं हुआ. शीर्ष-20 में केवल कुछ अंग्रेजी भाषी देश शामिल हैं. इस कड़ी में न्यूज़ीलैंड 11वें स्थान पर है, इसके बाद आयरलैंड 13वें और ऑस्ट्रेलिया 15वें स्थान पर है. इनके अलावा अमेरिका (USA) 23वें, कनाडा 25वें और यूनाइटेड किंगडम (UK) 29वें स्थान पर है.

भारत का नंबर

भारत इस वर्ष दो पायदान ऊपर चढ़कर वर्तमान में 4.536 के जीवन मूल्यांकन स्कोर के साथ 116वें स्थान पर है, जो 2024 के 118वें और 2023 के 126वें स्थान से ऊपर है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, हालांकि, 2026 में, भारत कई पैमानों पर काफी बेहतर स्थिति में रहा.

उदाहरण के लिए रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार की धारणा (भ्रष्टाचार के प्रसार से जुड़े सवाल) के मामले में भारत 64वें स्थान पर रहा; उदारता (दान-पुण्य) के मामले में 78वें स्थान पर; स्वतंत्रता (चुनने की आज़ादी) के मामले में 61वें स्थान पर; प्रति व्यक्ति GDP (क्रय शक्ति समता के आधार पर) के मामले में 89वें स्थान पर; स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (WHO के आंकड़ों पर आधारित) के मामले में 95वें स्थान पर; और सामाजिक सहयोग (ज़रूरत के समय किस पर भरोसा किया जा सकता है) के मामले में 123वें स्थान पर रहा.

वहीं, नेपाल 99वीं रैंक (2025 में 92, 2024 में 93) और पाकिस्तान 104वीं रैंक (2025 में 109, 2024 में 108) के साथ भारत से काफी आगे रहे. श्रीलंका 134वीं रैंक (2025 में 134, 2024 में 128) और बांग्लादेश 127वीं रैंक (2025 में 127, 2024 में 129) पर रहे.


अफगानिस्तान सबसे दुखी देश

भारत का पड़ोसी अफगानिस्तान एक बार फिर दुनिया का सबसे दुखी देश घोषित किया गया है. सूची में सबसे नीचे 147वें स्थान पर मौजूद अफगानिस्तान (Afghanistan) को एक बार फिर मलावी (145वें) और सिएरा लियोन (146वें) के साथ दुनिया का सबसे दुखी देश का दर्जा दिया गया है. ये सभी देश युद्ध से प्रभावित हैं. साल 2025 में भी अफगानिस्तान 147वें स्थान पर ही था, जबकि 2023 के 143वें स्थान पर था.

युद्ध-ग्रस्त देश

युद्ध-ग्रस्त देशों की बाद करें तो म्यांमार 129वें स्थान पर रहा (2025 में 136वां, 2024 में 118वां) और फिलिस्तीन 109वें स्थान पर रहे (2025 में 108वां, 2024 में 103वां). वहीं, इज़रायल 8वें स्थान पर रहा और शीर्ष 10 देशों में अपनी जगह बनाए रखी. 2025 में यह 8वें और 2024 में 5वें स्थान पर था. यूक्रेन 111वें स्थान पर बना रहा, जो 2025 के ही समान है. 2024 में यह 105वें स्थान पर था.

इस साल चीन 65वें स्थान पर रहा, जो पिछले साल के 68वें और 2024 के 60वें स्थान से नीचे है; रूस 79वें स्थान पर है (2025 में 66, 2024 में 72), जबकि अमेरिका इस साल 23वें स्थान पर रहा (2025 में 24वें, 2024 में 23वें स्थान पर था).


खुशी और सोशल मीडिया

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट हर साल लगभग 20 मार्च को ‘अंतर्राष्ट्रीय खुशी दिवस’ के अवसर पर जारी की जाती है. इसमें 140 से अधिक देशों के खुशहाली संबंधी आंकड़ों को विभिन्न अकादमिक क्षेत्रों के दुनिया के अग्रणी शोधकर्ताओं के विश्लेषण के साथ शामिल किया जाता है.

इस वर्ष की थीम ‘खुशी और सोशल मीडिया’ के इर्द-गिर्द घूमती रही. यह वार्षिक रिपोर्ट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर द्वारा गैलप और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास समाधान नेटवर्क के साथ साझेदारी में प्रकाशित की जाती है.

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