इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के सवाल पर भड़के कैलाश विजयवर्गीय, पत्रकार से कहा- ‘फोकट प्रश्न मत पूछो’

इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के सवाल पर भाजपा नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए.

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देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से 10 से 12 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. इस घटना की पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और विधायक कैलाश विजयवर्गीय, एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल पर भड़ककर उनके साथ बदसलूकी करते हुए नजर आ रहे हैं.

मध्य प्रदेश में लंबे समय से पत्रकारिता कर रहे पत्रकार अनुराग द्वारी राज्य के शहरी विकास मंत्री और स्थानीय बीजेपी विधायक कैलाश विजयवर्गीय से इस घटना को लेकर सवाल पूछते हुए इस वीडियो में नजर आ रहे हैं. अनुराग ने घटना से जुड़े दो वीडियो अपने फेसबुक और एक्स एकाउंट पर शेयर भी किया है.

इस वीडियो में कैलाश विजयवर्गीय से सवाल करते हुए अनुराग कहते हैं, ‘बहुत सारे लोगों को रिफंड की बात कही गई थी, अभी तक वो उन्हें नहीं मिला है और पीने के पानी की ठीक से व्यवस्था नहीं की गई है.’

घंटा होकर आए हो

इस पर चिढ़ते हुए कैलाश बोलते हैं, ‘अरे छोड़ो यार, तुम फोकट प्रश्न मत पूछो यार.’ तो अनुराग बोलते हैं, ये फोकट नहीं, मैं तो वहां होकर आया हूं.’ इस पर विजयवर्गीय भड़कते हुए कहते हैं, क्या-क्या… घंटा होकर आए हो तुम.’

तब अनुराग भी नाराज होकर कहते हैं, ‘कैलाश जी बात ठीक से कीजिए, शब्दों का चयन ठीक से कीजिए, कैलाश जी आप ढंग से बात नहीं कर रहे हैं. ये क्या घंटा-घंटा, ये क्या शब्द होता है.’

विजयवर्गीय बोलते हैं, ‘मैं बिल्कुल सही बोल रहा हूं.’ फिर उनके साथ के लोग अनुराग से जाने के लिए बोलते हैं, तो वह कहते हैं, ‘मैं तो जाऊंगा, लेकिन उनसे लहजा सुधारने को बोलिए. इतने सीनियर मंत्री हैं, घंटा-वंटा क्या बोलते हैं. बात करने की तमीज नहीं है.’

पार्षद से भी बहस

वीडियो में एक व्यक्ति, जो स्थानीय पार्षद बताए जा रहे हैं, वह विजयवर्गीय का बचाव करते नजर आते हैं तो अनुराग बोलते हैं, ‘सवाल कर रहे हैं न हम, वो जवाब दे रहे हैं तो आपको क्या हो रहा है.’

सफेद पायजामा और नीला कुर्ता पहने ये व्यक्ति कहता है, ‘वो हमारे लीडर हैं’.

अनुराग कहते हैं, ‘तो घंटा बोलेंगे मुझे.’

वो व्यक्ति फिर दोहराता है, ‘वो हमारे लीडर हैं’.

अनुराग बोलते हैं, ‘10 लोग मर गए हम सवाल न पूछें.’

व्यक्ति कहता है, ‘कुछ भी बोलेगे हमारे लीडर को’.

अनुराग कहते हैं, ‘क्या बोला है, उनको गाली दी है क्या, जाओ अपना काम करो’.

पार्षद झूला झूल रहे थे

फेसबुक पर शेयर किए गए वीडियो में अनुराग लिखते हैं, ‘देश के सबसे साफ शहर में गंदा पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और जिस शख्स (कैलाश विजयवर्गीय) पर लोगों को साफ पानी पिलाने का जिम्मा है, वो सवालों को ‘फोकट’ बता रहे हैं. हमारे सवालों को ‘घंटे’ में उड़ा रहे हैं. नीले कुर्ते में जो शख्स चमचागिरी पर ज्यादा उतारू है, इलाके का पार्षद है, जहां इन बेगुनाह लोगों की मौत हुई है, जब लोग मर रहे थे तो वो झूले में झूल कर तस्वीर खिंचवा रहा था.’

अनुराग की ओर शेयर किए गए दूसरे वीडियो में वह शख्स एक पेड़ से लगे झूले में बैठा झूला झूलते हुए नजर आ रहा है.

विजयवर्गीय ने खेद जताया

बहरहाल इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है. लोग भाजपा नेता कैलाश वि​जयवर्गीय के इस व्यवहार की निंदा करने लगे, जिसके बाद उन्होंने एक्स एक पोस्ट लिखकर माफी मांगी है.

इस पोस्ट में विजयवर्गीय ने लिखा है, ‘मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है. दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दुख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं, लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा.’

विजयवर्गीय की जिम्मेदारी

मालूम हो कि शहरी विकास मंत्री होने के नाते पूरे राज्य को साफ पानी उपलब्ध कराना भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के विभाग की जिम्मेदारी है. इंदौर में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतें भागीरथपुरा इलाके में हुई हैं. इस क्षेत्र में दूषित पानी के कारण बीमार होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, भागीरथपुरा, विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है.

26 लोग आईसीयू में

नई दुनिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 2,456 मरीजों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 162 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. इनमें से 26 मरीज जिंदगी और मौत के बीच आईसीयू में संघर्ष कर रहे हैं.

शहर के 14 सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रभावित लोगों का इलाज किया जा रहा है. एमजीएम मेडिकल कॉलेज के चाचा नेहरू अस्पताल में 11 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें से पांच बच्चों को बुधवार को तबीयत बिगड़ने के बाद भर्ती किया गया.

इन बच्चों में एक माह की बच्ची से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चे शामिल हैं. दूषित पानी के कारण अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जो सभी भागीरथपुरा के निवासी हैं. इस बीच गुरुवार (1 जनवरी) सुबह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने चार मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये के चेक दिए.

2023 में फैल चुका है हैजा

नई दुनिया के अनुसार, यह पहली बार नहीं है, जब इंदौर में दूषित पानी पीने से लोग बीमार हुए हैं. इससे पहले जुलाई 2023 में क्लर्क कॉलोनी और सुभाष नगर क्षेत्र में हैजा फैल चुका है. इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे. तब जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला द्वारा परीक्षण किए गए पानी के नमूनों की प्रारंभिक रिपोर्ट में बैक्टीरिया और अन्य प्रदूषक पाए गए थे.

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