मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार (18 दिसंबर) को सतना जिले के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय में खून चढ़ाए जाने के बाद छह बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के मामले में एक ब्लड बैंक इंचार्ज और दो लैब टेक्नीशियन को निलंबित कर दिया है.
यह कार्रवाई राज्य के जन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा बनाई गई एक कमेटी की शुरुआती जांच के बाद की गई, जिसमें ब्लड स्क्रीनिंग और संबंधित प्रक्रियाओं में कमियां पाई गईं. संक्रमण का मामला सामने आने के बाद 16 दिसंबर को यह जांच कमेटी बनाई गई थी.
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, निलंबित किए गए लोगों में ज़िला अस्पताल ब्लड बैंक के इंचार्ज डॉ. देवेंद्र पटेल और लैब टेक्नीशियन राम भाई त्रिपाठी और नंदलाल पांडेय शामिल हैं.
कारण बताओ नोटिस
इसके अलावा सतना ज़िला अस्पताल के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. मनोज शुक्ला को कथित प्रशासनिक और सुपरवाइजरी नाकामियों के लिए स्पष्टीकरण मांगने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्हें लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है, ऐसा न करने पर सेवा नियमों के अनुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
मालूम हो कि 3 से 15 साल की उम्र के पांच बच्चों को सतना, जबलपुर और दूसरी जगहों के ज़िला अस्पतालों में कई बार खून चढ़ाने के बाद HIV पॉज़िटिव पाया गया. स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि ये संदिग्ध ब्लड ट्रांसफ्यूजन इस साल जनवरी और मई के बीच हुए थे.
बच्चों का चल रहा इलाज
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित बच्चों में से एक के माता-पिता भी HIV पॉज़िटिव पाए गए हैं, हालांकि इन्फेक्शन का स्रोत और समय अभी भी जांच के दायरे में है. सभी पांच बच्चों का फिलहाल स्टैंडर्ड HIV मैनेजमेंट प्रोटोकॉल के तहत इलाज चल रहा है और उनके परिवारों को काउंसलिंग और मेडिकल मदद दी गई है.
राज्य सरकार ने कहा है कि फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. ज़िला और राज्य स्तर पर कई टीमें डोनर के रिकॉर्ड, ब्लड स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं और अनिवार्य टेस्टिंग नियमों के पालन की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संक्रमित खून सप्लाई चेन में कैसे पहुंचा.
झारखंड में हुई थी ऐसी घटना
इससे पहले बीते सितंबर महीने में इसी तरह का मामला झारखंड में सामने आया था. राज्य के पश्चिमी सिंहभूम जिले के एक अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित छह बच्चों को कथित तौर पर ब्लड ट्रांसफ्यूजन के दौरान संक्रमित खून चढ़ाने के बाद HIV हो गया था.
यह घटना तब सामने आई है, जब 13 सितंबर 2025 को चाईबासा शहर के एक ब्लड बैंक में ब्लड ट्रांसफ्यूजन करवाने वाले थैलेसीमिया से पीड़ित एक 7 साल का बच्चा 18 अक्टूबर को फॉलो-अप टेस्ट में HIV पॉजिटिव पाया गया.
इसके बाद उसके परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए ब्लड बैंक के एक टेक्नीशियन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. फिर पांच डॉक्टरों की एक टीम ने इस मामले की जांच शुरू की और पांच और बच्चों में भी इसी तरह का इन्फेक्शन होने की पुष्टि की.




