देश की अलग-अलग अदालतों में लगभग 5.5 करोड़ मामले लंबित: कानून मंत्री

(प्रतीकात्मक तस्वीर साभार: Pixabay)

SHARE:

समाचार सुनो

राज्यसभा में बीते गुरुवार (11 दिसंबर) को सरकार की ओर से बताया गया कि देश की अलग-अलग अदालतों में 5.49 करोड़ से ज़्यादा मामले लंबित हैं, जिनमें अकेले सुप्रीम कोर्ट में करीब 90,000 केस शामिल हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एक सवाल के लिखित जवाब में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि शीर्ष अदालत से लेकर निचली अदालतों तक 5.49 करोड़ से ज़्यादा केस पेंडिंग हैं. जहां सुप्रीम कोर्ट में 90,897 केस लंबित हैं, वहीं 25 हाईकोर्ट में 63,63,406 केस पेंडिंग हैं.

केस लंबित होने की वजह

उनके अनुसार, बीते 8 दिसंबर तक निचली अदालतों में 4,84,57,343 केस पेंडिंग थे. मेघवाल ने कहा कि अदालतों में केस लंबित होने की कई वजहें हैं. उनके अनुसार, तथ्यों की जटिलता, सबूतों की प्र​कृति, मामलों के पक्षकार – बार, जांच एजेंसियां, गवाह और वादी – का सहयोग के अलावा भौतिक बुनियादी ढांचे की उपलब्धता और सहायक अदालती कर्मचारियों की शामिल है.

जिला अदालतों में 4,855 पद खाली

द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, बीते 4 दिसंबर को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने राज्यसभा को बताया था कि पूरे भारत की जिला अदालतों में जजों के कुल 4,855 पद खाली हैं और देश भर की निचली अदालतों में करीब 4.80 करोड़ मामले लंबित हैं. उन्होंने कहा था कि अलग-अलग हाईकोर्ट में 297 पद खाली हैं.

पिछले पांच सालों में सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों की जानकारी देते हुए मेघवाल ने बताया था कि 1 दिसंबर, 2025 तक सुप्रीम कोर्ट में 90,694 केस अंडर ट्रायल थे. उन्होंने यह भी कहा था कि 2021 में लंबित मामलों की संख्या 70,239 थी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *