राजस्थान के बाड़मेर जिले में कॉलेज फीस वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ने तब राजनीतिक मोड़ ले लिया, जब जिला कलेक्टर टीना डाबी को निशाना बनाने वाली एक टिप्पणी पर पुलिस ने कुछ छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद छात्रों ने एक पुलिस स्टेशन के अंदर धरना दिया.
विरोध प्रदर्शन मुल्तानमल भीखचंद छाजेड़ महिला कॉलेज के बाहर हुआ, जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े दो नेताओं के साथ छात्र फीस में अचानक और अनुचित तीन गुना की वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इस वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा पर प्रभाव पड़ेगा.
बाद में पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था पर चिंता का हवाला देते हुए दोनों छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस स्टेशन ले गई.
Police arrests kids for calling a controversial IAS officer Tina Dabi a reel star. This is why I am so against these sarkari clowns having any sort of power including access to private data of citizens.
In any non-banana republic, this officer and police would’ve been fired and… pic.twitter.com/KXlhFJHMvt— Jaidev Jamwal (@JaidevJamwal) December 21, 2025
हिरासत में क्यों लिया गया
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, छात्राओं का आरोप है कि पुलिस ने दोनों नेताओं को तब हिरासत में लिया, जब उनमें से एक ने अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान जिला कलेक्टर (टीना डाबी) को ‘रील स्टार’ कह दिया. छात्राओं ने कहा कि वह उनकी आदर्श नहीं थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी ही पुलिस कार्रवाई का एकमात्र कारण थी.
हिरासत में लिए जाने के बाद कई छात्राओं ने कोतवाली पुलिस स्टेशन तक मार्च किया और नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए धरना शुरू कर दिया.
छात्राओं ने हिरासत के समय पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि पुलिस ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ही कार्रवाई की. उनका तर्क था कि अगर कानून-व्यवस्था की कोई चिंता थी तो प्रदर्शन के दौरान ही कार्रवाई की जानी चाहिए थी.
प्रदर्शनकारियों ने दी चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा और उन्होंने प्रशासन पर जायज मांगों पर असहमति को दबाने का आरोप लगाया.
रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट और उप-संभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) ने तनाव कम करने के लिए कॉलेज का दौरा किया था और छात्राओं को आश्वासन दिया था कि उनकी शिकायतों का समाधान किया जाएगा. बातचीत के दौरान एसडीएम ने कथित तौर पर कलेक्टर टीना डाबी को एक रोल मॉडल के रूप में संदर्भित किया. इसी बयान के बाद छात्राओं ने विवादास्पद प्रतिक्रिया व्यक्त की.
Students detained by Rajasthan police for calling collector & IAS Tina Dabi a “Reel Star”
“Tina Dabi is not our role model. Ahilyabai, Durgavati are our role model”pic.twitter.com/sOJj2PG5X0
— Kreately.in (@KreatelyMedia) December 21, 2025
छात्र नेताओं को रिहा किया गया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के नियमित निवारक उपाय के रूप में छात्रों को हिरासत में लिया गया.
उन्होंने कहा कि विरोध के दौरान अधिकारियों को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा और पुलिस ने स्थिति को बढ़ने से रोकने के लिए कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि बाद में तनाव कम करने के प्रयास में छात्र नेताओं को बिना कोई मामला दर्ज किए रिहा कर दिया गया.
रिहाई के बावजूद छात्रों ने कहा कि वे अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे, जब तक कि फीस वृद्धि वापस नहीं ले ली जाती, कॉलेज प्रशासन से बार-बार की गई अपील का कोई निष्कर्ष नहीं निकला है.




