2024-25 में 71 भगोड़ों के विदेश में होने की जानकारी मिली, आंकड़ा 12 वर्षों में सबसे अधिक: रिपोर्ट

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

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Fugitives Wanted by India: साल 2024-25 में भारत द्वारा वांछित 71 भगोड़ों के विदेशों में होने की बात सामने आई है, यह आंकड़ा पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है. कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भारत के वांछित 71 लोगों को विदेशों में ढूंढ निकाला, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 27 भगोड़े (Fugitives) भारत लौट आए.

द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने गृह मंत्रालय (Home Ministry) पोर्टल पर भारतीय नागरिकता (Indian Citizenship) छोड़ने के लिए 22,200 से अधिक आवेदनों पर कार्रवाई की और टिप्पणियां दीं.

साल दर साल आंकड़े

2025 में CBI सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भगोड़ों के प्रत्यर्पण (Extradition) को सुनिश्चित करने के लिए एक क्रूर दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर दिया था.

पिछले वर्षों की DoPT रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दशक में विदेशों में खोजे गए भगोड़ों की संख्या 2013 में 15 और 2015 में 42 के बीच थी, जो पिछले साल बढ़कर 71 हो गई.

दूसरी ओर, हर साल भारत में प्रत्यर्पित या निर्वासित (Deported) किए जाने वाले भगोड़ों की संख्या 5 से 29 के बीच होती है, जिनमें सबसे अधिक संख्या 2023 में दर्ज की गई है.

प्रत्यर्पण संधि

2020 के बाद से आंकड़ों में उन भगोड़ों को भी शामिल किया गया है जो ‘विदेश से भारत लौटे/गिरफ्तार किए गए/लुक आउट सर्कुलर (Look Out Circulars) के आधार पर भारत में हैं.’

19 दिसंबर 2025 को संसद में विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के जवाब के अनुसार, भारत ने 48 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) पर हस्ताक्षर किए हैं और 12 देशों के साथ प्रत्यर्पण व्यवस्था की है.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत ने विदेशों को 137 प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे हैं. इनमें से 134 अनुरोध स्वीकार कर लिए गए, जिनमें से 125 अभी भी विदेशी सरकारों के पास लंबित हैं. 3 अनुरोध अस्वीकार कर दिए गए.

25 भगोड़े प्रत्यर्पित किए गए

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पिछले पांच वर्षों में 25 भगोड़ों को सफलतापूर्वक भारत प्रत्यर्पित किया गया है.’

CBI का ग्लोबल ऑपरेशंस सेंटर (Global Operations Centre) इंटरपोल चैनलों के माध्यम से और इंटरपोल नोटिस जारी करके विदेशी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से वांछित अपराधियों और भगोड़ों का पता लगाता है.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘वांछित लोगों के स्थान का पता लगाने पर, विदेश से उनकी वापसी के लिए CBI संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों, संबंधित देशों के INTERPOL नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB), गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करती है.’

विदेशी सरकारों को 74 न्यायिक अनुरोध

2024-2025 के दौरान विदेशी सरकारों को 74 न्यायिक अनुरोध भेजे गए, जिन्हें लेटर रोगेटरी (Letters Rogatory) कहा जाता है. इनमें से 54 सीबीआई मामलों से संबंधित हैं और 20 राज्य और केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संबंधित हैं.

47 लेटर रोगेटरी थे, जिन्हें 2024-2025 के दौरान पूरी तरह से निष्पादित किया गया था, जिनमें से 42 सीबीआई से थे और पांच अन्य एजेंसियों से थे. 31 मार्च 2025 तक कुल 533 लेटर रोगेटरी अन्य देशों में लंबित थे, जिनमें से 276 सीबीआई मामलों से संबंधित थे और 257 राज्य पुलिस और अन्य केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संबंधित थे.

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