असम: बोडो और आदिवासी समुदाय के बीच सांप्रदायिक झड़प में 2 लोगों की मौत, इंटरनेट सेवाएं बंद

(फोटो साभार: X)

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Communal Violence in Assam’s Kokrajhar: असम के कोकराझार जिले में सोमवार (19 जनवरी) रात एक कार दुर्घटना के बाद उपजा सांप्रदायिक तनाव मंगलवार (20 जनवरी) को हिंसा में बदल गया, जिसके बाद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात करना पड़ा और राज्य सरकार को जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ीं.

कोकराझार जिले के करिगांव इलाके में, जो बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (Bodoland Territorial Region) का हिस्सा है, तनाव सोमवार रात को हुए एक सड़क हादसे से शुरू हुआ, जिसमें बोडो जनजाति समुदाय के तीन लोगों को ले जा रही एक गाड़ी ने आदिवासी समुदाय के दो लोगों को टक्कर मार दी थी.

2 लोगों की मौत

खबरों के मुताबिक, इसके बाद तीनों बोडो लोगों को आसपास के आदिवासी ग्रामीणों ने पीटा और गाड़ी में आग लगा दी. एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ने मंगलवार (20 जनवरी) को चोटों के कारण दम तोड़ दिया. उन्होंने यह भी बताया कि तीन अन्य घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

घटना के बाद बोडो जनजाति और आदिवासियों के बीच आगजनी और झड़पें हुईं, जिसके बाद संवेदनशील इलाकों में सेना को तैनात किया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि मंगलवार (20 जनवरी) को स्थिति तब बिगड़ गई, जब बोडो और आदिवासी समुदायों ने करिगांव चौकी के पास नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया, टायर जलाए, एक सरकारी दफ्तर में आग लगा दी और करिगांव पुलिस चौकी पर हमला किया.

धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू

उन्होंने बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए.

कोकराझार जिला प्रशासन ने करिगांव हाईस्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाईस्कूल में दो राहत शिविर लगाए हैं, क्योंकि हमलों के डर से करिगांव के कई गांव वाले भाग गए थे. अधिकारी ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत पूरे कोकराझार जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है.

कोकराझार पुलिस ने मंगलवार को X पर एक पोस्ट में कहा, ‘हम नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि देश विरोधी लोगों द्वारा फैलाई जा रही फेक न्यूज से गुमराह न हों. करिगांव और कोकराझार में स्थिति सामान्य है. हम सभी से शांत रहने, शांति बनाए रखने और समाज के लिए मिलकर काम करने की अपील करते हैं.’

सेना तैनात

रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना के जवानों ने मंगलवार (20 जनवरी) रात को जिला प्रशासन के साथ करिगांव और उसके आसपास के प्रभावित इलाकों में गश्त की.

उन्होंने बताया कि विश्वास बहाली के उपायों के तहत बुधवार (21 जनवरी) को सेना द्वारा इलाके में फ्लैग मार्च भी किया जाएगा. प्रवक्ता ने बताया कि फिलहाल जिले में सेना की कुल चार टुकड़ियां मौजूद हैं. अधिकारियों ने बताया कि कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में है. कोकराझार और पड़ोसी चिरांग जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

19 लोग हिरासत में

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में से एक की पहचान सिखना ज्वहलाओ बिस्मित के रूप में हुई है. कोकराझार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अखत गर्ग ने कहा, ‘हमने रात में 19 लोगों को हिरासत में लिया और जांच शुरू कर दी है. हम लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे पुलिस को कानून के हिसाब से इस मामले को संभालने दें.’

IGP (लॉ एंड ऑर्डर) अखिलेश सिंह ने कहा, ‘मंगलवार को दोनों तरफ के समूहों ने आपस में भिड़ने की कोशिश की. पुलिस ने पत्थर फेंकने वालों पर बल प्रयोग किया. फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सभी कोशिशें की जा रही हैं.’

इस बीच, गृह विभाग ने अगले आदेश तक पूरे जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश जारी किया, जिसमें यह आशंका जताई गई कि ‘सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल भड़काऊ संदेश, अफवाहें वगैरह फैलाने के लिए किया जा सकता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है’.

शांति की अपील

शांति की अपील करते हुए बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी ने आरोप लगाया कि एक ‘तीसरे पक्ष’ ने इस स्थिति का ‘फायदा उठाने’ के लिए हालात को और बिगाड़ा.

मोहिलारी ने कहा, ‘यहां कुछ गलतफहमियां हुई हैं. एक तीसरी पार्टी इसका फायदा उठाने और इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है, जिसे हम बढ़ावा नहीं दे सकते. हमारी एक अपील है. आदिवासी और बोडो दोनों ही इस इलाके के लोग हैं. हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं. हमें यहां साथ मिलकर रहना है.’

इस बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी शांति की अपील की. उन्होंने कहा, ‘मैं समाज के प्रमुख लोगों और राजनीतिक नेताओं से पूरे सहयोग का अनुरोध करता हूं. मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में सरकार की मदद करें.’

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