संघर्ष विराम के बीच गाजा में इजरायली सेना के हमले में तीन पत्रकारों समेत 11 फिलिस्तीनियों की मौत

इजरायल के हमले में मारे गए तीन पत्रकार. (फोटो साभार: एक्स/@warfareanalysis)

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Journalists Killed in Israeli Attack: बीते बुधवार (21 जनवरी) को इज़राइली हमले में कम से कम 11 फिलिस्तीनियों की जान चली गई, जिनमें दो 13 साल के लड़के और तीन पत्रकार भी शामिल थे. यह इजरायल द्वारा तीन महीने पुराने संघर्ष विराम का उल्लंघन था.

गाज़ा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि तीनों पत्रकार नेत्ज़ारिम में नए बने विस्थापन शिविर में काम के लिए कार से जा रहे थे, तभी उन्हें मार दिया गया.

फिलिस्तीनी पत्रकार संगठन (Palestinian Journalists Syndicate) ने कहा कि पत्रकार ‘नागरिकों की तकलीफों को फिल्माने और डॉक्युमेंट्री बनाने के लिए एक मानवीय और पत्रकारिता मिशन पर थे’. इजरायली हमले में मारे गए पत्रकारों के नाम मोहम्मद सलाह काशता, अब्दुल रऊफ शात और अनस घनेम थे.

फोटो और वीडियो जर्नलिस्ट

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अब्दुल रऊफ शात समाचार एजेंसी एएफपी (Agence France-Presse) के लिए फोटो और वीडियो जर्नलिस्ट के तौर पर काम करते थे, हालांकि एजेंसी ने कहा कि हमले के समय वह किसी असाइनमेंट पर नहीं थे.

स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि उनके काम को इजिप्शियन रिलीफ कमेटी स्पॉन्सर कर रही थी, जो गाजा में मिस्र के राहत कामों की देखरेख करती है. कमेटी के प्रवक्ता मोहम्मद मंसूर ने कहा कि यह गाड़ी इजरायली सेना की जानकारी में थी.

13 साल के दो बच्चों की मौत

ऑनलाइन सर्कुलेट हो रहे वीडियो में सड़क के किनारे एक जली हुई गाड़ी दिखाई दे रही थी, जिसमें से धुआं निकल रहा था और मलबा ज़मीन पर बिखरा हुआ था. मेडिकल अधिकारियों ने बताया कि दो पत्रकारों के शव गाजा सिटी के अल-शिफा अस्पताल ले जाए गए, जबकि तीसरे को अल-अक्सा मार्टियर्स अस्पताल में ट्रांसफर किया गया.

रिपोर्ट के अनुसार, एक ही दिन अलग-अलग घटनाओं में गाजा के अलग-अलग हिस्सों में 13 साल के दो लड़कों की मौत हो गई. दीर अल-बलाह के अल-अक्सा मार्टियर्स अस्पताल में इनके शव लाए गए थे.

अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, जहां एक हमले में बुरेज शरणार्थी शिविर के पूर्वी किनारे पर एक लड़का, उसके पिता और 22 साल का एक आदमी इजरायली ड्रोन की चपेट में आ गए.

इजरायली सैनिकों ने गोली मारी

एक अन्य घटना में, नासिर अस्पताल के मुताबिक, 13 साल के लड़के मोअत्सेम अल-शराफी को बानी सुहेला शहर के पूर्वी इलाके में लकड़ी इकट्ठा करते समय इजरायली सैनिकों ने गोली मार दी. ऑनलाइन शेयर किए गए वीडियो में लड़के के पिता अस्पताल के बेड पर उसके शव के पास रोते हुए दिखे.

मोअतसेम अल-शराफी की मां सफा अल-शराफी ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (AP) को बताया कि उनका बेटा खाना बनाने के लिए लकड़ी इकट्ठा करने गया था. उन्होंने कहा, ‘वह सुबह भूखा ही बाहर गया था. उसने मुझसे कहा था कि वह जल्दी जाएगा और वापस आ जाएगा.’

इजरायली सेना ने क्या कहा

दूसरी ओर, इज़रायली सेना ने कहा कि उसने यह हमला तब किया जब उसके सैनिकों ने सेंट्रल गाजा में ‘हमास से जुड़े एक ड्रोन को ऑपरेट कर रहे कई संदिग्धों की पहचान की’.

सेना ने कहा, ‘पहचान के बाद और ड्रोन से सैनिकों को होने वाले खतरे को देखते हुए IDF ने ड्रोन चलाने वाले संदिग्धों पर सटीक हमला किया’. सेना की ओर से ​कहा गया कि घटना की विस्तार से जांच की जा रही है.

220 पत्रकार मारे गए

मीडियाकर्मियों के काम करने वाले संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने कहा कि इज़रायली सेना ने दिसंबर 2024 और दिसंबर 2025 के बीच गाजा में कम से कम 29 फिलिस्तीनी पत्रकारों को मार डाला है और अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 220 पत्रकार मारे गए हैं. दूसरे संगठनों ने यह संख्या और ज़्यादा बताई है.

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