उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (GSVM) मेडिकल कॉलेज में बीते रविवार (28 दिसंबर) को एक ज़िंदा मरीज़ को मृत घोषित कर दिया गया था. इस मामले के सामने आने के बाद राज्य सरकार ने अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है.
जांच समिति गठित
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने जूनियर रेजिडेंट डॉ. हिमांशु मौर्य, स्टाफ नर्स सन्नी सोनकर और वार्ड अटेंडेंट रहनुमा को इस घटना में कथित संलिप्तता के लिए निलंबित कर दिया. मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसे तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है.
यह घटना मेडिसिन डिपार्टमेंट के वार्ड नंबर 12 में हुई, जहां पुलिस सूचना (Police Information) भेजी गई कि बेड नंबर 43 का मरीज़ मर गया है, जबकि मरीज़ ज़िंदा था. यह गलती तब सामने आई जब कुछ गड़बड़ियां देखी गईं, जिसके बाद तुरंत राज्य स्वास्थ्य विभाग ने दखल दिया.
सख्त कार्रवाई की जाएगी
डिप्टी सीएम ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को इस लापरवाही के बाद सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया. कॉलेज की वाइस-प्रिंसिपल डॉ. ऋचा गिरि की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय कमेटी, जिसमें चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरके सिंह और डॉ. सौरभ अग्रवाल शामिल हैं, इस मामले की जांच करेगी.
इस घटना को ‘असंवेदनशीलता का घोर उदाहरण’ बताते हुए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि हेल्थकेयर सिस्टम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘यह मरीज़ की सुरक्षा और मानवीय गरिमा से जुड़ा एक बहुत गंभीर मामला है. जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.’ उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.




