महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में 1,300 की आबादी वाले एक गांव में लगभग 27,000 जन्म और मृत्यु के मामले रजिस्टर किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं. मामला सामने आने के बाद महाराष्ट्र सरकार ने नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) सॉफ्टवेयर रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है.
अधिकारियों ने बताया कि जिले के शेंदुरसानी ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 1,300 है, हालांकि नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS) के ज़रिये जारी किए गए जन्म और मृत्यु प्रमाण-पत्रों की संख्या लगभग 27,000 है.
धोखाधड़ी वाली गतिविधि
यह आंकड़ा गांव के जनसांख्यिकीय संरचना से बिल्कुल मेल नहीं खाता है और डिजिटल रजिस्ट्रेशन प्लेटफॉर्म से जुड़े गलत इस्तेमाल, हेरफेर या धोखाधड़ी वाली गतिविधि का गहरा शक पैदा करता है.
मीडिया में आईं खबरों के अनुसार, एक अधिकारी ने बीते सोमवार (5 जनवरी) को कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि रजिस्ट्रेशन के आंकड़ों में बहुत ज़्यादा असमान और चिंताजनक गड़बड़ी है. अधिकारियों ने दिसंबर 2025 में कहा था कि गांव में सिर्फ तीन महीनों में 27,398 ‘देर से जन्म रजिस्ट्रेशन’ दर्ज किए गए थे.
केस दर्ज
इस संबंध में यवतमाल शहर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है.
अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जांच का नेतृत्व यवतमाल के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता और संभावित परिणामों को देखते हुए गृह विभाग ने ADG, महाराष्ट्र साइबर की देखरेख में SIT के माध्यम से एक व्यापक जांच शुरू करने का फैसला किया है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं के उप-निदेशक और जिला स्वास्थ्य अधिकारी सदस्य होंगे.
कमियों का पता लगाया जाएगा
अधिकारी ने बताया कि SIT ने इस हफ्ते के आखिर में ग्राम पंचायत का दौरा करने की भी योजना बना रही है, ताकि ज़मीनी स्तर पर सत्यापन किया जा सके, जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जांच की जा सके और उसमें मौजूद कमियों का पता लगाया जा सके, जिनका फायदा उठाया गया हो सकता है.
उन्होंने आगे कहा कि यह दौरा नागरिक पंजीकरण प्रणाली की ईमानदारी सुनिश्चित करने और जनता के भरोसे की रक्षा करने के मकसद से सुधारात्मक उपायों और निवारक दिशानिर्देशों को बनाने में भी मदद करेगी.
SIT की बैठक
अधिकारी ने बताया कि SIT की हाल ही में हुई एक बैठक में अहम बातें नोट की गईं और जांच के दौरान सख्त पालन सुनिश्चित करने के लिए जांच अधिकारी को ज़रूरी सुपरवाइज़री नोट्स जारी किए गए.
उन्होंने आगे कहा कि काम करने के तरीके का पता लगाने और ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए एक विस्तृत तकनीकी जांच निर्देश भी जारी किया गया है, जिसमें IP लॉग का पूरा विश्लेशण और उन लोगों से पूछताछ शामिल है, जिनके नाम पर जाली प्रमाण पत्र बनाए गए लगते हैं.




