बांग्लादेश में नए सिरे से शुरू हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन, भीड़ ने दो अखबारों के दफ्तरों में लगाई आग

एक युवा नेता की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. (फोटो साभार: एक्स वीडियोग्रैब)

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Bangladesh Violent Protest: पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश में अब तक स्थिरता नहीं आ सकी है. 32 साल के एक युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में नए सिरे से हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

हादी के सैकड़ों समर्थक राजधानी ढाका के एक चौक पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए, जिनमें से कुछ ने बांग्लादेशी अखबार ‘प्रोथोम आलो’ (Prothom Alo) और ‘द डेली स्टार’ (The Daily Star) के दफ्तरों में तोड़फोड़ की.

दो अखबारों के दफ्तर पर हमला

इसकी शुरुआत बंगाली भाषा के दैनिक अखबार ‘प्रोथोम आलो’ पर हमले से हुई, जहां भीड़ नारे लगाते हुए गई और बृहस्पतिवार को आधी रात के आसपास इमारत में आग लगा दी.

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक चश्मदीद ने बताया, ‘सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी रात करीब 11 बजे ‘प्रोथोम आलो’ के दफ्तर पहुंचे और बाद में बिल्डिंग को घेर लिया. प्रोथोम आलो की दफ्तर में तोड़फोड़ के बाद प्रदर्शनकारियों ने ‘द डेली स्टार’ के ऑफिस में आग लगा दी.’

bdnews24 को एक पत्रकार ने बताया कि बाहर से एक फोन कॉल आया, जिसमें स्टाफ को चेतावनी दी गई कि भीड़ ‘द डेली स्टार’ के परिसर की ओर बढ़ रही है. न्यूज़ रूम के स्टाफ ने नीचे जाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने ऑफिस की बिल्डिंग के ग्राउंड और पहली मंज़िल पर तोड़फोड़ शुरू कर दी और फिर उसमें आग लगा दी.

मीडियाकर्मियों को बचाया गया

‘द डेली स्टार’ की रिपोर्टर ज़ायमा इस्लाम ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘अब मैं सांस नहीं ले पा रही हूं. बहुत ज़्यादा धुआं है. मैं अंदर हूं. तुम मेरी जान ले रहे हो.’

bdnews24 की रिपोर्ट के अनुसार, नाइट शिफ्ट के स्टाफ अपनी जान बचाने के लिए छत पर चले गए थे. ढाका के कावरान बाज़ार में ऑफिस की बिल्डिंग पर भीड़ के हमले के चार घंटे बाद ‘द डेली स्टार’ के कम से कम 25 पत्रकारों को बचाया गया.

सेना तैनात

आग पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार की दरमियानी रात के करीब 2 बजे काबू पा लिया गया था, लेकिन पत्रकारों को बिल्डिंग से बाहर निकालने में कुछ और घंटे लग गए, क्योंकि भीड़ बिल्डिंग की तरफ बढ़ रही थी.

bdnews24 की रिपोर्ट के अनुसार, ‘द डेली स्टार’ बिल्डिंग के सामने सेना तैनात की गई है. खबर है कि भीड़ ने एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष और ‘न्यू एज’ के एडिटर नुरुल कबीर को परेशान किया गया. एक वीडियो में दिख रहा है कि एक हिंसक भीड़ कबीर के बाल खींच रही है और उन्हें पीट रही है.

मीडिया संगठनों के दफ्तर बंद

फिलहाल यह साफ नहीं है कि दोनों अखबारों पर हमला क्यों हुआ, जो मोहम्मद यूनुस और उनकी अंतरिम सरकार को चुपचाप सहयोग करने के लिए जाने जाते हैं.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, बहरहाल इस हमले के बाद ‘द डेली स्टार’ और ‘प्रोथोम’ आलो ने ढाका में अपने दफ्तरों के बाद अपने प्रिंट और ऑनलाइन कामों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है.

इसके अलावा बांग्लादेशी अखबार ‘द बिज़नेस स्टैंडर्ड’ शुक्रवार को अपना नगर संस्करण प्रकाशित नहीं कर पाया., क्योंकि सुरक्षा कारणों से प्रेस बंद कर दिया गया था.

कौन है शरीफ उस्मान हादी

कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत (Sharif Osman Hadi) के बाद रातभर बांग्लादेश के कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. भारत विरोधी बयानबाजी के लिए जाने जाना वाले विवादित शख्स हादी को बांग्लादेश के साल 2024 के छात्र विद्रोह के दौरान पहचान मिली थी, जिसके कारण पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को सत्ता से हटना पड़ा था.

इंकलाब मंच प्लेटफॉर्म के प्रवक्ता और आम चुनावों में उम्मीदवार हादी को पिछले शुक्रवार (12 दिसंबर) को ढाका में अपना चुनावी अभियान शुरू करते समय नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी और सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान बीते 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई.

बांग्लादेश पुलिस ने हादी को गोली मारने वाले हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया है. दो मुख्य संदिग्धों की तस्वीरें जारी की हैं और उनकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को 50 लाख टका (लगभग 37 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की गई है.

दूसरे शहरों में भी हिंसा

बांग्लादेश के कई दूसरे शहरों में भी हिंसा की खबरें आईं, जिसमें उसका बंदरगाह शहर चटगांव भी शामिल है, जहां प्रदर्शनकारी भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन भवन के बाहर जमा हुए और भारत विरोधी नारे लगाए. राजशाही श​हर में प्रदर्शनकारियों ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के घर और एक अवामी लीग ऑफिस में आग लगा दी, जिससे काफी नुकसान हुआ.

भारत विरोधी प्रदर्शन

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह अशांति इस हफ्ते की शुरुआत में हुए भारत विरोधी नए विरोध प्रदर्शनों के बाद फैली है. पिछले साल हुए छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के दिल्ली भाग जाने के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध खराब हो गए हैं.

बीते 17 दिसंबर को ‘जुलाई ओइक्या’ (जुलाई एकता) बैनर के तहत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए भारत विरोधी नारे लगाए थे. साथ ही शेख हसीना की वापसी की भी मांग की थी.

भारतीय उच्चायोग ने जारी की एडवाइजरी

ढाका में भारतीय उच्चायोग ने बांग्लादेश में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइज़री जारी की है, जिसमें उनसे स्थानीय यात्रा से बचने और अपने रहने की जगह से बाहर कम से कम निकलने की अपील की गई है. किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें देश में उच्चायोग या असिस्टेंट हाई कमीशन से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

12 फरवरी को है आम चुनाव

अगस्त 2024 से बांग्लादेश पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के नेतृत्व वाली एक अंतरिम सरकार (Bangladesh Interim Government) का शासन है. छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत भागने के बाद उनकी सरकार सत्ता में आई थी. देश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं.

17 करोड़ की आबादी वाला मुस्लिम-बहुल बांग्लादेश अपनी संसद के लिए सीधे 300 सांसदों को वोट देगा, जबकि 50 अन्य को महिलाओं की सूची से चुना जाएगा. उसी दिन एक ऐतिहासिक लोकतांत्रिक सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी होगा.

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