नीतीश कुमार के नकाब खींचने वाले विवाद पर पाकिस्तानी पत्रकार को इंटरव्यू देने से सपा नेता सुमैया राणा ने किया इनकार

सपा नेता सुमैया राणा. (फोटो साभार: फेसबुक)

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Nitish Kumar Hijab Row: बीते दिनों एक कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला का नकाब खींचने पर हुए विवाद के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाली उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) की नेता सुमैया राणा ने एक पाकिस्तानी पत्रकार के इंटरव्यू के अनुरोध को ठुकरा दिया.

पाकिस्तान पत्रकार ने इस विवाद को भारत में मुसलमानों की कथित दयनीय स्थिति से जोड़ने की कोशिश की थी. प्रसिद्ध लेखक और कवि मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) की बेटी सुमैया ने उर्दू के शायर जिगर मुरादाबादी का एक शेर पढ़कर जवाब दिया.

अपना रुख स्पष्ट करते हुए सुमैया राणा ने कहा कि भारत में हर कोई शांति और सद्भाव से रहता है और भारतीय अपने मुद्दों को आपस में सुलझाने में सक्षम हैं, इसमें पड़ोसी देशों को दखल देने की कोई जरूरत नहीं है.

क्या हुआ था

दरअसल पाकिस्तान के एक मीडिया संगठन के पत्रकार ने सुमैया राणा (Sumaiya Rana) से इस विवाद पर टेलिफोनिक इंटरव्यू के लिए संपर्क किया था. पाकिस्तानी पत्रकार नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला का नकाब खींचने की घटना को भारत में मुस्लिमों की कथित दयनीय स्थिति से जोड़ने की कोशिश कर रहा था. सुमैया राणा ने इंटरव्यू से इनकार करते हुए पाकिस्तानी पत्रकार को दो टूक जवाब दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

इस वीडियो में सुमैया को पाकिस्तानी पत्रकार से फोन पर बात करते हुए सुना जा सकता है. वह कह रही हैं, ‘‘मैं ये नहीं चाहती हूं कि पड़ोसी मुल्क मेरे मामलात में दखल दें. जिगर मुरादाबादी का शेर है, ‘नज़र का तीर जिगर में रहे तो अच्छा है, घर की बात घर में रहे तो अच्छा है.’ ये मेरी अपनी लड़ाई है. हम अपने लोग हैं. हम आपस में लड़ते भी हैं और मोहब्बत भी करते हैं, तो हम इन सबसे निपट लेंगे. बहुत-बहुत शुक्रिया.’

नीतीश के खिलाफ एफआईआर

पिछले हफ्ते ही सुमैया ने नकाब विवाद पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. यह एफआईआर एक वायरल वीडियो में आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति-पत्र सौंपते समय नीतीश कुमार को एक मुस्लिम महिला का नकाब खींचते हुए देखे जाने के एक दिन बाद दर्ज की गई.

घटना के बारे में बात करते हुए सुमैया राणा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि इस घटना ने एक खतरनाक मिसाल कायम की है. उन्होंने कहा कि अगर एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह का व्यवहार करता है, तो यह उनके (नीतीश) सहयोगियों को भी इसी तरह की गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करता है.

क्या है विवाद

विवाद तब खड़ा हुआ जब नुसरत परवीन नकाब से अपना चेहरा ढंककर अपना नियुक्ति पत्र लेने पहुंची थी. तब नीतीश कुमार ने उनसे कहा था, ‘यह क्या है?’ और नकाब नीचे खींच देते हैं. नीतीश के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपनी आस्तीन खींचकर उन्हें रोकने की कोशिश करते दिखे था.

घटना के बाद विपक्ष ने चुटकी ली. राष्ट्रीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से लिखा, ‘नीतीश जी को क्या हो गया है? क्या उनकी मानसिक स्थिति अब बिल्कुल दयनीय स्थिति में पहुंच गई है, या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो गए हैं?’

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