Two Child Policy: तेलंगाना विधानसभा ने 1994 में बने एक कानून को खत्म करने के लिए एक विधेयक पास किया है, जो दो से ज़्यादा बच्चे वाले लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराता था.
यह विधेयक पिछले अध्यादेश की जगह लेगा. नया विधेयक – तेलंगाना पंचायत राज (संशोधन) बिल 2026 – पंचायत राज मंत्री दानसारी अनुसूया सीताक्का ने पेश किया, जिन्होंने कहा कि समाज में बदलाव और प्रजनन दर में गिरावट को देखते हुए दो बच्चों वाले नियम को हटाने का समय आ गया है.
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लंबे भविष्य को देखते हुए दो बच्चों वाली नीति की समीक्षा करने के बाद सरकार ने पंचायत राज संस्थानों के प्रतिनिधियों के विचारों पर विचार किया है.
जनसंख्या वृद्धि में कमी
मंत्री ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि में कमी से राज्य के भविष्य के लिए अवांछित परिणाम होंगे. नया विधेयक न केवल घटती प्रजनन दर को रोकेगा, बल्कि लोगों को पंचायत चुनावों में चुनाव लड़ने का अवसर भी देगा.
डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, विधेयक पेश करते हुए मंत्री सीताक्का ने याद दिलाया कि यह प्रतिबंध 1994 में 1980 और 1990 के दशक की बढ़ती आबादी की चिंताओं, जैसे खाद्य सुरक्षा, नौकरियों और गरीबी कम करने के खतरों से निपटने के लिए लागू किया गया था. उन्होंने बताया कि ग्रामीण तेलंगाना में कुल प्रजनन दर अब घटकर प्रति महिला 1.7 बच्चे हो गई है – जो 2.1 के प्रतिस्थापन स्तर से काफी कम है.
लगातार गिरावट
उन्होंने कहा, ‘लगातार गिरावट परिवार नियोजन के बारे में ज़्यादा जागरूकता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, महिलाओं में ज़्यादा साक्षरता और बेहतर वित्तीय स्थिरता की वजह से है. मौजूदा 1.7 की प्रजनन दर बनाए रखने से भविष्य में राज्य के जनसांख्यिकीय विभाजन पर बुरा असर पड़ सकता है.’
रिपोर्ट के अनुसार, बीते 3 जनवरी को विधानसभा ने तेलंगाना पंचायत राज (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया, जिसमें वनपर्थी मंडल में ‘जैंतिरुमलापुर’ का नाम बदलकर ‘जयन्ना तिरुमलापुर’ कर दिया गया है.
मंत्री ने कहा कि यह गांव मूल रूप से जी. चिन्ना रेड्डी के परदादा जयन्ना ने बसाया था. इसके अलावा दो अन्य विधेयक – तेलंगाना (लोक सेवाओं में नियुक्तियों का विनियमन और स्टाफ पैटर्न और वेतन संरचना का युक्तिकरण) (संशोधन) विधेयक, 2026 और इसका दूसरा संशोधन विधेयक भी सर्वसम्मति से विधानसभा में पास हो गया है. इन विधेयकों को उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने पेश किया था.




