साल 2025 में दुनिया भर में 128 पत्रकार मारे गए: International Federation of Journalists

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: फेसबुक/IFJ)

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Journalists Killed Worldwide: इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स (IFJ) ने बीते गुरुवार (1 जनवरी) को बताया कि साल 2025 में दुनिया भर में कुल 128 पत्रकारों की हत्या की गई, जिनमें से आधे से ज़्यादा मध्य पूर्व (Middle East) में मारे गए.

IFJ के महासचिव एंथनी बेलेंजर ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि 2024 की तुलना में यह भयानक आंकड़ा ‘सिर्फ़ आंकड़े नहीं है, यह हमारे साथियों के लिए एक वैश्विक रेड अलर्ट है.’

द मिंट की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल पूर्व और अरब देश (Arab Nations) पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक इलाका बनकर उभरे. रिपोर्ट में IFJ ने कहा कि इस क्षेत्र में 74 मौतें हुईं, जो दुनिया भर की कुल मौतों का लगभग 58% है और ये ज़्यादातर संघर्ष वाले इलाकों – खासकर गाजा में युद्ध – की कवरेज से जुड़ी थीं.

फ़िलिस्तीनी के हालात पर चिंता

इस प्रेस संगठन ने फ़िलिस्तीनी इलाकों (Palestine) में हालात पर खास चिंता जताई, जहां उसने 2025 में 56 मीडिया पेशेवरों के मारे जाने की बात रिकॉर्ड की, जब गाजा में हमास के साथ इज़रायल (Isreal) का युद्ध जारी था.

IFJ की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘मध्य पूर्व और अरब देशों में 2025 में मारे गए पत्रकारों की संख्या का एक भयानक रिकॉर्ड है, जिसमें 74 मौतें हुई हैं. गाजा में युद्ध के कारण फिलिस्तीनी पत्रकारों ने सबसे बड़ी कीमत चुकाई है, जहां 56 हत्याएं दर्ज की गई हैं. सबसे खास घटना 10 अगस्त 2025 को अल जज़ीरा के रिपोर्टर (Al Jazeera Reporter) अनस अल-शरीफ (Anas Al-Sharif) पर हुआ टारगेटेड हमला था: उन्हें गाजा शहर में अल शिफा अस्पताल के बाहरी इलाके में पत्रकारों के लिए बने एक टेंट में पांच अन्य पत्रकारों और मीडियाकर्मियों के साथ मार दिया गया था.’

मरने वालों में 10 महिला पत्रकार

बेलेंजर ने कहा, ‘हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा. इतने कम समय में, इतने छोटे से इलाके में इतनी सारी मौतें.’ बेलेंजर ने इन हमलों को अंजाम देने वालों को ‘सज़ा न मिलने’ की निंदा की. उन्होंने चेतावनी दी, ‘न्याय के बिना यह पत्रकारों के हत्यारों को फलने-फूलने का मौका देता है.’

द मिंट की​ रिपोर्ट के अनुसार, IFJ ने कहा कि मरने वालों में 9 एक्सीडेंटल मौतें और 10 महिला पत्रकार (Women Journalists) शामिल हैं. संगठन ने यह भी कन्फर्म किया कि 10 दिसंबर 2025 के बाद 17 और मामले सामने आए, जिससे हत्याओं का उसका पिछला शुरुआती आंकड़ा 111 से बढ़कर 128 हो गया.

दुनिया के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों की हत्या के संबंध में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स की ओर से जारी किया गया आंकड़ा.

भारत में 4 पत्रकारों की हत्या

यमन, यूक्रेन, सूडान, पेरू, भारत और दूसरी जगहों पर भी पत्रकारों को मारा गया. IFJ ने बताया कि यमन में 13 पत्रकारों की मौत हुई, यूक्रेन में 8 और सूडान में 6, जबकि भारत और पेरू में 4-4 पत्रकारों की हत्या हुई.

पाकिस्तान, मैक्सिको, फिलीपींस और पेरू सहित कई अन्य देशों में भी साल भर में 3-3 पत्रकारों की हत्या हुई. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 15 पत्रकारों की जान चली गई. यह क्षेत्र दुनिया भर में सबसे ज़्यादा पत्रकारों को जेल में डालने वाला क्षेत्र भी बना रहा, जहां 277 मीडियाकर्मी सलाखों के पीछे हैं.

चीन में सबसे ज्यादा पत्रकार जेल में

IFJ ने कहा कि दुनिया भर में 533 पत्रकार अभी जेल में हैं – यह आंकड़ा पिछले पांच सालों में दोगुने से ज़्यादा हो गया है. चीन एक बार फिर पत्रकारों को जेल में डालने के मामले में सबसे ऊपर रहा, जहां 143 पत्रकार जेल में हैं, जिसमें हांगकांग भी शामिल है, जहां अधिकारियों की पश्चिमी देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करके विरोध को दबाने के लिए आलोचना की है.

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, ‘एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पत्रकारों को उनके काम के लिए सबसे ज़्यादा जेल में डाला जाता है. अभी 277 पत्रकार जेल में हैं. 143 पत्रकारों को जेल में डालने के साथ चीन (हांगकांग सहित) मीडिया पेशेवरों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी जेल बना हुआ है. इसके बाद म्यांमार में 49 और वियतनाम में 37 पत्रकार जेल में हैं.’

यूरोप में 10 पत्रकारों की हत्या

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूरोप में 2025 में 10 पत्रकारों की हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से आठ यूक्रेन में हुईं. अफ्रीका में भी काम से जुड़ी 9 पत्रकारों की हत्याएं हुईं, जिनमें सूडान में 6 शामिल हैं, जबकि अमेरिका में 11 मौतें हुईं, जिसमें पेरू में इस क्षेत्र में सबसे ज़्यादा 4 मौतें दर्ज की गईं.

अलग-अलग गिनती के तरीकों के कारण पत्रकारों की हत्याओं की संख्या के लिए IFJ की गिनती आमतौर पर रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (Reporters Without Borders) से कहीं ज़्यादा होती है. इस साल IFJ की गिनती में 9 आकस्मिक मौतें भी शामिल थीं. रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स ने कहा कि इस साल अपने काम के दौरान 67 पत्रकारों की हत्या हुई, जबकि UNESCO ने यह आंकड़ा 93 बताया है.

1990 में पत्रकारों की हत्या करने का सालाना आंकड़ा जारी करने के बाद से IFJ ने दुनिया भर में 3,173 पत्रकारों की मौतों को डॉक्यूमेंट किया है.

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