AI आधारित तकनीक का 40% वैश्विक नौकरियों पर असर, एंट्री-लेवल के रोज़गार ख़तरे में: IMF प्रमुख

IMF प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा. (फोटो साभार: फेसबुक/IMF Asia and Pacific)

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AI Technology and Global Jobs Hit: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की प्रमुख क्रिस्टलीना जॉर्जीवा (IMF chief Kristalina Georgieva) ने शुक्रवार (20 फरवरी) को चेतावनी दी कि दुनिया भर में काम करने वाले करीब 40 प्रतिशत लोग – खासकर एंट्री-लेवल की नौकरियां – आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) और AI-आधारित तकनीक के कारण प्रभावित होंगे. उन्होंने इस बड़े बदलाव की तुलना ‘लेबर मार्केट में आने वाली सुनामी’ से की.

IMF के एक अध्ययन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (Advanced Economies) में यह आंकड़ा 60 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, लेकिन भारत के लिए यह शायद 26 प्रतिशत पर ही रहेगा.

जॉर्जीवा ने बताया कि ये आंकड़े AI अर्थव्यवस्था के लिए लोगों को तैयार करने के लिए नीति बनाने के महत्व को दिखाते हैं. इसमें खास कौशल विकसित करना सीखना शामिल है, लेकिन इन कौशल को इस्तेमाल करने में ज़्यादा लचीलापन हो, ये भी सीखना है, ताकि लोगों के पीछे छूट जाने के खतरे से बचा जा सके.

एंट्री-लेवल नौकरियां

समाचार वेबसाइट एनडीटीवी से एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा, ‘जिस श्रेणी की हमें खास चिंता है और इस बात के सबूत हैं कि ऐसा पहले से हो रहा है, वे एंट्री-लेवल नौकरियां (Entry-Level Jobs) हैं. ये आमतौर पर ऐसे काम होते हैं, जिन्हें आसानी से ऑटोमैटिक तरीके से किया जा सकता है… और अपनी पहली नौकरी ढूंढ रहे युवा स्नातकों के लिए इसका क्या मतलब है, ये समझा जा सकता है.’

उन्होंने कहा, ‘हमारा निष्कर्ष यह है कि हम AI से होने वाले बदलाव की मांग में पीछे रह रहे हैं, और लोगों को आज जो कुछ भी है, उसके लिए तैयार करने के लिए सही नीति बनाने में पीछे रह रहे हैं. लेकिन अगर इसे सही तरीके से संभाला जाए, तो AI और AI तकनीक को अपनाने से भारत की GDP हर साल 0.7 प्रतिशत बढ़ सकती है, जिससे देश लंबे समय के विकास लक्ष्यों के और करीब आ जाएगा.

भारत को लेकर क्या कहा

राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया AI इम्पैक्ट समिट (India AI Impact Summit) में शामिल हुईं IMF प्रमुख ने कहा कि यहां जमा हुए लोगों ने इस बारे में ज़रूरी मुद्दों पर बात की और AI के लोकतांत्रिकरण की दिशा में काम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ की.

जॉर्जीवा ने कहा, ‘जब मैं भारतीय अर्थव्यवस्था को देखती हूं, तो यह अच्छी बात है कि भारत ने टैक्स में… लेबर मार्केट (Labour Market) में… बड़े ढांचागत सुधार किए हैं, ताकि इंडिया ज़्यादा प्रतिस्पर्धी बन सके, AI की इस दुनिया के लिए ज़्यादा तैयार हो सके, जिसमें कौशल का इस्तेमाल करने में लचीलापन होना चाहिए.’

IMF प्रमुख ने भारत के बैंकिंग और कॉरपोरेट सेक्टर की भी तारीफ की, दोनों को उन्होंने ‘अच्छा’ बताया और कहा कि इनसे ऐसा माहौल बना है जो निवेश को बढ़ावा देता है. ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपियन संघ के साथ हाल ही में किए गए व्यापार और टैरिफ सौदे की भी तारीफ उन्होंने की.

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