मध्य प्रदेश: दो साल की अवधि में 32 हज़ार से अधिक लोगों ने की आत्महत्या; किसान, कृषि मज़दूर और छात्र शामिल

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

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Suicide Cases in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में लगभग दो सालों के दौरान 32,385 लोगों की आत्महत्या करने के मामले सामने आए हैं. राज्य सरकार ने बजट सत्र के दौरान ये जानकारी विधानसभा के समक्ष रखी.

विधायक राजन मंडलोई इस संबंध में सवाल पूछा था. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से दिए गए लिखित जवाब में कहा गया है कि ये आंकड़ा पुलिस मुख्यालय के पास मौजूद जानकारी पर आधारित है. जब इन आंकड़ों को अलग-अलग करके देखा जाता है, तो यह एक कड़वी सच्चाई सामने लाती है. लगभग दो साल के समय में हर दिन औसतन लगभग 44 आत्महत्या के मामले सामने आए हैं.

987 छात्रों ने की आत्महत्या

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आत्महत्या के ये मामले 13 दिसंबर, 2023 से 20 जनवरी, 2026 के बीच दर्ज किए गए. मरने वालों में 562 किसान, 667 खेतिहर मज़दूर और 987 छात्र थे.

कुल 32,385 मौतों में से 987 छात्र थे, जिसका मतलब है कि हर दिन एक से ज़्यादा छात्र ने आत्महत्या की; 562 किसान थे, यानी हर दो दिन में लगभग एक किसान ने अपनी जान दी; 667 खेतिहर मज़दूर थे, यानी हर दिन लगभग एक मज़दूर ने मौत को गले लगाया.

सरकारी मदद नहीं मिली

विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों में आगे बताया गया है कि दर्ज किए गए किसान आत्महत्या के मामलों में से सिर्फ़ दो को आधिकारिक तौर पर फसल के नुकसान की वजह से उठाया गया कदम बताया गया.

इस सवाल के जवाब में कि क्या आत्महत्या से मरने वालों के परिवारों को आर्थिक मदद दी गई थी, मुख्यमंत्री के जवाब में कहा गया कि बताए गए समय के दौरान पीड़ितों के परिवारों को कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई थी.

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