महाराष्ट्र से किसानों को दुर्दशा की कहानियां आए दिन आती रहती हैं. कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या के मामले तो आम हैं. एक बार फिर कर्ज में डूबे एक किसान की कहानी सामने आई है, जो आपके रोंगटे खड़े कर देगा.
महाराष्ट्र का यह किसान सूदखोरों के चक्कर में ऐसा फंसा कि उसे अपनी किडनी कंबोडिया जाकर बेचनी पड़ी. उन्हें ऐसा इसलिए करना पड़ा, क्योंकि उनके ऊपर 1 लाख रुपये के लोन था और 10,000 रुपये प्रतिदिन के ब्याज के कारण उसका कर्ज बढ़कर 74 लाख रुपये हो गया था.
ये कहानी राज्य के चंद्रपुर जिले के किसान रोशन सदाशिव कुडे की है, जिन्हें खेती में लगातार नुकसान हो रहा था और उन्होंने डेयरी का बिजनेस शुरू करने का फैसला किया. उन्होंने कई साहूकारों से कुल 1 लाख रुपये का लोन लिया.
जमीन और ट्रैक्टर बिक गए
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, डेयरी का बिजनेस शुरू होने से पहले ही उन्होंने जो गायें खरीदी थीं, वे मर गईं और उनकी ज़मीन पर उगी फसल भी खराब हो गई. कर्ज का जाल कसता गया और साहूकारों ने रोशन और उनके परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया.
रोशन ने कर्ज चुकाने के लिए अपनी ज़मीन, ट्रैक्टर और कीमती घरेलू सामान बेच दिया, लेकिन वह भी काफी साबित नहीं हुआ. जब कर्ज फिर भी बाकी रह गया, तो एक साहूकार ने उन्हें अपनी किडनी बेचने की सलाह दी.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रपुर के नागभीड़ तालुका के मिंथूर गांव के किसान रोशन सदाशिव कुडे ने छह साहूकारों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिनसे उन्होंने 2021 में अत्यधिक ब्याज दरों पर पैसे उधार लिए थे.
6 लोग हिरासत में
ब्रह्मपुरी पुलिस के अनुसार, रोशन मंगलवार को ब्रह्मपुरी थाने आए और साहूकारों के एक समूह द्वारा लंबे समय तक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
अपने बयान में रोशन ने आरोप लगाया कि 2021 और जून 2023 के बीच छह आरोपियों – मनीष पुरुषोत्तम घाटबंधे, किशोर रामभाऊ बावनकुले, लक्ष्मण पुंडलिक उरकुले, प्रदीप रामभाऊ बावनकुले, संजय विठोबा बल्लारपुरे, और सत्यवान रामरतन बोरकर ने मिलकर उन्हें अवैध तरीके से फंसाया. ये सभी ब्रह्मपुरी के रहने वाले हैं.
शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर ब्रह्मपुरी थाने में आपराधिक साज़िश, गंभीर चोट, गलत तरीके से कैद करना, जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और सामान्य इरादे के लिए मामला दर्ज किया गया. शिकायत में नामजद सभी छह आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है.
1 लाख रुपये का कर्ज
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने रोशन को दिए गए लोन पर बहुत ज़्यादा और गैर-कानूनी ब्याज दरें लगाईं. रोशन ने आरोप लगाया कि उनसे पैसे ऐंठने की कोशिशों के तहत उन्हें लगातार आर्थिक शोषण, मानसिक उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का शिकार बनाया गया.
पुलिस शिकायत के अनुसार, रोशन के पास चार एकड़ खेती की ज़मीन थी और मौसम में बदलाव के कारण बार-बार फसल खराब होने से सालों से उसकी खेती की कमाई कम हो गई और औपचारिक लोन लेने के रास्ते बंद होने के बाद साहूकारों से पैसे उधार लेने पड़े.
रोशन ने 2021 में 1 लाख रुपये उधार लिए थे. पहले उन्होंने जैसे-तैसे पैसे लौटा दिए, लेकिन उस साहूकार ने ज़ोर दिया कि मूल रकम अभी भी बाकी है और उन्हें दूसरे साहूकार के पास ले गया, जहां रोशन को पहले साहूकार को चुकाने के लिए ज़्यादा ब्याज दर पर और पैसे उधार लेने पड़े.
40% मासिक ब्याज
रिपोर्ट के अनुसार, रोशन जल्द ही साहूकारों के एक जाल में फंस गए, जिन्होंने मूल रकम पर 40% मासिक ब्याज लेना शुरू कर दिया. रोशन ने अपनी शिकायत में कहा कि खेती की पैदावार भी खराब होने से उनकी देनदारियां तेज़ी से बढ़ती चली गईं.
एक छोटे से लोन से शुरू हुआ मामला कथित तौर पर बहुत ज़्यादा ब्याज दरों के कारण बढ़कर 74 लाख रुपये तक पहुंच गया. जैसे-जैसे कर्ज बढ़ता गया साहूकार कथित तौर पर रोशन के घर बार-बार आने लगे और उन्हें परेशान करने लगे.
रोशन ने आरोप लगाया कि साहूकारों ने उन्हें बंधक बना लिया और पैसे वसूलने के लिए उन्हें बेरहमी से पीटा. कर्ज के जाल से निकलने की बेताब कोशिश में उन्होंने अपनी दो एकड़ ज़मीन, अपना ट्रैक्टर और घर का कीमती सामान बेच दिया, लेकिन इनमें से कुछ भी उनका कर्ज चुकाने के लिए काफी नहीं था.
किडनी बेचने का फैसला
ऐसी स्थिति में रोशन ने बकाया चुकाने के लिए अपनी किडनी बेचने का एक बड़ा फैसला किया. उन्होंने ऑनलाइन किडनी खरीदने वालों को ढूंढा और चेन्नई के एक डॉक्टर से संपर्क किया.
डॉक्टर ने उन्हें मेडिकल टेस्ट के लिए कोलकाता बुलाया और बाद में एक एजेंट के ज़रिये कंबोडिया भेज दिया, जहां 14 अक्टूबर 2024 को उसकी किडनी निकालने के लिए सर्जरी हुई.
रोशन का दावा है कि किडनी के लिए उन्हें 8 लाख रुपये मिले. चंद्रपुर SP मुमक्का सुदर्शन की निगरानी में ब्रह्मपुरी थाने के पुलिस इंस्पेक्टर प्रमोद बनबाले मामले की जांच कर रहे हैं.




